माकपा का आरोप, भाजपा के सत्ता में आते ही बढ़ जाती है खाद की कालाबाजारी
माकपा का आरोप, भाजपा के सत्ता में आते ही बढ़ जाती है खाद की कालाबाजारी
मध्य-प्रदेश

माकपा का आरोप, भाजपा के सत्ता में आते ही बढ़ जाती है खाद की कालाबाजारी

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भोपाल, 24 जुलाई (हि.स.)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा के सत्ता में आते ही खाद की कालाबाजारी बढ़ जाती है। पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने शुक्रवार को मीडिया को जारी अपने बयान में कहा है कि जब खरीफ की फसल की बोवनी के लिए खाद और बीज की जरूरत है, तब मध्यप्रदेश का किसान खाद और बीज की कालाबाजारी और इसके साथ ही नकली खादों और बीजों के गोरखधंधे से लुट रहा है। शिवराज सिंह चौहान सरकार की चुप्पी से साफ है कि वह किसानों की बजाय किसानों को लूटने वाले गिरोह के साथ है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही 50 किलो वाले यूरिया बैग को 45 किलो का कर दिया था। अब राज्य सरकार द्वारा खाद की समुच्चित व्यवस्था न कर, खाद की कालाबाजारी के रास्ते खोल दिए हैं। अब 266 रुपये वाला यूरिया 550 रुपये में बिक रहा है। इतना ही नहीं 311 रुपये वाला सुपर 400 रुपये, 775 रुपये वाला पोटाश 900 रुपये और 1150 रुपये वाला डीएपी 1250 से लेकर 1400 रुपये तक में बिक रहा है। माकपा नेता ने कहा है कि भाजपा के सत्ता में आते ही खाद और बीज की कालाबाजारी का बढऩा और नकली खादों के कारोबार का फलना-फूलना साबित करता है कि भाजपा सरकार कालाबाजारियों के साथ है। जसविंदर सिंह ने कहा है कि कृषि मंत्री खुद ही स्वीकार कर रहे हैं कि मानसून आने से पहले तक सरकार ने केवल आवश्यकता से आधी मात्रा में ही खाद की उपलब्ध कराई है। सरकार अब भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है। इससे साबित करता है कि यह कालाबाजारी राजनीतिक संरक्षण में प्रशासन और कालाबाजारियों की सांठगांठ से हो रही है। माकपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि तुरंत कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर-hindusthansamachar.in