मां का शव पाने के लिए बेटा कलेक्टर से अस्पताल प्रबंधन को फोन कराने के लिए भटकता रहा
मां का शव पाने के लिए बेटा कलेक्टर से अस्पताल प्रबंधन को फोन कराने के लिए भटकता रहा
मध्य-प्रदेश

मां का शव पाने के लिए बेटा कलेक्टर से अस्पताल प्रबंधन को फोन कराने के लिए भटकता रहा

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घटना सीएम की चौखट पर पहुंची उज्जैन/नागदा, 17 सितम्बर (हि.स.)। जिले में एक बेटा अपनी मां का शव पाने के लिए तीन घंटे तक भटकता रहा। अस्पताल प्रबंधन इस जिद पर अड़ा था कि कलेक्टर या एडीएम से फोन के बाद ही शव मिलेगा। यहां तक स्थिति बन गई कि निर्धारित समय तक बेटा कलेक्टर तक एप्रोच नहीं कर पाया तो उसकी मां शव उसे नहीं देते हुए सीधे मुक्तिधाम पहुंंचाने की कार्यवाही शुरू हो गई। लचर व्यवस्था के चलते उस बेटे तथा परिजनों को कलेक्टर से एप्रोच कराने के लिए मानसिक त्रासदी का शिकार होना पड़ा। यह शर्मशार घटना की शिकायत को जिला कांग्रेस ने गंभीरता से लिया और गुरुवार को सीएम तथा कलेक्टर तक मामला भेजा। जिला कार्यवाहक अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने शिकायत की प्रति हिन्दुस्थान समाचार को उपलब्ध कराी, जिसमें इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए कलेक्टर से व्यवस्था में सुधार की मांग की है। दरअसल, बीमारी से पीडि़त महिला रुकमाबाई (56) पत्नी रामचंद परमार निवासी नागदा को आरर्डीगार्डी मेडिकल कॉलेज में सात दिन पहले भर्ती किया गया था। उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई थी। गत 15 सितम्बर को उपचार के दौरान महिला की हो गई। महिला के परिजनों से जुडे सूत्रों ने हिन्दुस्थान समाचार संवाददाता को बताया कि आरडीगार्डी अस्पताल प्रबंधन शव देने को तैयार था, लेकिन शर्त रखी कि कलेक्टर या एडीएम से फोन कराया जाए। महिला का बेटा व उसके मित्र कलेक्टर से मिलने के लिए कोठी पर पहुंचे तो पता चला कि कलेक्टर साहब मीटिंग में है। एडीएसम भी नहीं मिले। पूरा परिवार एप्रोच के लिए जुटा रहा। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने मृतक का अंतिम संस्कार करने के लिए वाहन बुलाकर उसे मुक्तिधाम उज्जैन में ही पहुंचाने की तैयारी कर दी। संयोग था कि नागदा तथा उज्जैन के पत्रकारों तक यह मामला पहुंचा। पत्रकारों की मदद से आखिरकार अस्पताल प्रबंधन तक प्रशासनिक अधिकारी का फोन पहुंचा और महिला का शव परिजनों को सौंपा गया। इस दौरान पूरा परिवार घंटों तक कलेक्टर से बात करने के लिए मशक्कत करता रहा। बताया जा रहा है कि परिजनों के शुभचितकों ने सीधे कलेक्टर से मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कांग्रेस ने कलेक्टर से यह उठाई मांग जिला कांग्रेस कार्यवाही अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने सीएम एवं कलेक्टर को शिकायत के साथ यह मांग रखी है कि जब कोरोना निगेटिव रिपोर्ट किसी आ रही है और उसकी मौत पर शव प्राप्त करने के लिए परिजनों से एडीएम आदि से फोन कराना कहां तक उचित है। हर व्यक्ति का अधिकारी तक एप्रोच संभव नहीं है। ऐसी स्थिति अस्पताल प्रबंधन स्वयं एडीएम से संपर्क करें या फिर कलेक्टर इस प्रकार की त्रुटिपूर्ण व्यवस्था में सुधार करने का आदेश प्रदान करें। जिससे एडीएम से फोन कराने की बात की जगह अन्य विकल्प तलाशा जाए। स्वामी ने अपनी शिकायत में नागदा की एक अन्य महिला शांतिदेवी मेहता की इस अस्पताल में मौत को लेकर भी कई सवाल खड़े किए है। शिकायत में महिला के आभूषण अस्पताल में भर्ती के दौरान गायब होने का मामला भी उठाया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/ कैलाश सनोलिया-hindusthansamachar.in