मांडू को दिलाई जाएगी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान: कलेक्टर
मांडू को दिलाई जाएगी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान: कलेक्टर
मध्य-प्रदेश

मांडू को दिलाई जाएगी वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान: कलेक्टर

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धार, 10 सितम्बर (हि.स.)। जिले के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचान दिलाई जाएगी। कोविड-19 के कारण यह देखा गया है कि लगभग सौ सवा सौ लोगों की उपयुक्त व्यवस्था करते हुए अधिकतर विवाह समारोह संपन्न किए जा रहे हैं। मांडू एक ऐतिहासिक महत्व वाला शहर होने के कारण डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त स्थान है। यह बात जिला कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने गुरुवार को मांडू में वन मंडल अधिकारी अक्षय राठौर, जिला पंचायत सीईओ संतोष वर्मा, पर्यटन, टाउन एंड कंट्री व पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से मांडू के सर्वांगीण विकास के बारे में विस्तार से बातचीत करते हुए कही। इस दौरान आर्किटेक्ट अवनीश सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्लानिंग का खाका खींचा। कलेक्टर ने कहा कि मांडू में विभिन्न प्रकार की ऐतिहासिक धरोहर उपलब्ध है, जैसे कि हिंडोला महल जहाज महल स्वागत करते बड़े बड़े दरवाजे रानी रूपमती का महल अशरफी महल आदि। यदि विवाह समारोह के लिए पयुक्त व्यवस्था मांडू में होटल एवं रिसोर्ट में दी जाए तो मांडू डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए मुख्य स्थान की तरह विकसित हो सकता है। मांडू आत्मनिर्भरता की डगर पर चल पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। इंदौर में विदेशी लोगों का आना जाना लगातार बना रहता है। हम लोग कारपोरेट क्लाइंट्स को केंद्र बिंदु रखते हुए यह विकास कार्य करना चाहते हैं। इसके अलावा स्कूल एवं कॉलेज के टूर भी ऑर्गेनाइज किए जाते हैं जिनके लिए कैंपिंग की व्यवस्था मांडू में की जा सकती है। मांडू में कौशल विकास हेतु कक्षाएं बनाई जा सकती हैं। मांडू में थीम बेस्ड होटल्स का निर्माण किया जा सकता है, जहां पर प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र बनाए जा सकते हैं। जिनमें योगा प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकती है जिन्हें बहुत से कॉरपोरेट्स ढूंढते हैं। मांडू को कला एवं संस्कृति का नया उभरता हुआ सितारा बनाया जा सकता है। यहां पर भारत भवन के तर्ज पर विकास संभव है।जहां पर रंगमंच नृत्य कला को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्था की जा सकती है। कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि शहर में एक मॉल रोड बनाया जाना प्रस्तावित है। आगंतुकों को दिन भर घूमने के बाद स्थानीय गतिविधियों के बारे में अवगत कराएं। जहां पर हस्तशिल्प एवं हथकरघा की उपयोगी वस्तुएं उपलब्ध हो, हाट बाजार हो, ओपन एयर थिएटर, बच्चों के लिए खेलने की उपयुक्त व्यवस्था हो, नौका विहार हो। सूचना एवं व्याख्या केंद्र की व्यवस्था बनाई जाएगी। इस प्रकार से हम स्थानीय भोजन एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा दे सकते हैं तथा पर्यटन को मांडू का एक नया स्वरूप दिखाया जा सकता है । उपयुक्त व्यवस्था होने पर साप्ताहिक स्थानीय लोकगीत एवं नृत्य के प्रदर्शन किए जा सकते हैं जो स्थानीय लोगों के लिए उपयुक्त व्यवसाय की व्यवस्था भी कर सकता है । मांडू में मॉल रोड के लिए मालवा रिसोर्ट से लेकर तितली पार्क तक का रास्ता चिन्हित किया गया है । इस रोड को एक आदर्श रोड की तरह विकसित किया जाएगा। जहां पर सुबह एवं शाम की सैर की जा सकती हो । किराए की साइकिल लेकर साइकलिंग भी की जा सकेगी तथा बच्चों के लिए मनोरंजन हेतु व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। मॉल रोड के विकास का कार्य प्रथम चरण में किया जाना है। प्रथम चरण के विकास के चलते मांडू में जो पर्यटक रात को नहीं रुकते थे उनके लिए नया आकर्षण केंद्र तैयार होगा। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश-hindusthansamachar.in