महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को रोजगार मूलक पाठ्यक्रम पढ़ाने पर जोर
महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को रोजगार मूलक पाठ्यक्रम पढ़ाने पर जोर
मध्य-प्रदेश

महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को रोजगार मूलक पाठ्यक्रम पढ़ाने पर जोर

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ताल में नवनिर्मित महाविद्यालय भवन का लोकार्पण रतलाम, 20 दिसम्बर (हि.स.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा रविवार को जिलेे के ताल में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित शासकीय महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गेहलोत ने कहा कि आलोट क्षेत्र में गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए सतत कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही सर्वांगीण विकास के लिए शासन दृढ़ संकल्पित है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश के महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगारमूलक पाठ्यक्रम उपलब्ध कराएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर जॉब प्लेसमेंट मिल सके, वे तकनीकी रूप से दक्ष हो सके। इसके लिए नई शिक्षा नीति में भी प्रावधान किया गया है। अब महाविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रम के अंतर्गत 1 वर्ष में सर्टिफिकेट, 2 वर्ष में डिप्लोमा 3 वर्ष में डिग्री तथा 4 वर्ष में शोध के साथ डिग्री मिलेगी। स्नातकोत्तर अध्ययन के पश्चात सीधे पीएचडी की जा सकेगी। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलोट तथा ताल में आगामी सत्र से स्ववित्त द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ किए जा सकेंगे। साथ ही ताल महाविद्यालय में बीएससी, बीकॉम कक्षाएं भी आरंभ की जाएगी। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता में बेहतरी के लिए राज्य शासन द्वारा वृहद स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, कोशिश है कि प्रदेश के विश्वविद्यालय देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल हो। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in