मरीज के फर्स्ट कॉन्टेक्ट का पता लगाकर कोरोना की चेन ब्रेक कर समुदाय में फैलने से रोकें
मरीज के फर्स्ट कॉन्टेक्ट का पता लगाकर कोरोना की चेन ब्रेक कर समुदाय में फैलने से रोकें
मध्य-प्रदेश

मरीज के फर्स्ट कॉन्टेक्ट का पता लगाकर कोरोना की चेन ब्रेक कर समुदाय में फैलने से रोकें

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अपर मुख्य सचिव ने उज्जैन में की कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा उज्जैन, 24 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश के स्वास्थ्य अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने शुक्रवार को उज्जैन पहुंचकर जिले में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति, मरीजों के उपचार की स्थिति और प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस मरीजों को दी जा रही सहूलियत की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टर आशीष सिंह को निर्देश दिये कि जैसे ही कोई कोरोना का मरीज पाया जाता है, वैसे ही मरीज से पूछताछ कर उसके फर्स्ट कॉन्टेक्ट का पता लगाकर कोरोना की चेन को ब्रेक किया जाये। पूरा प्रयास किया जाये कि उस व्यक्ति से समुदाय में कोरोना का फैलाव न हो। कोरोना मरीज को तत्काल अस्पताल में उपचारार्थ भर्ती किया जाये। यदि मरीज में हल्के सिम्टम दिखाई दे रहे हैं तो भी तत्काल उसे घरेलू एकांतवास या आइसोलेशन में रखा जाये। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि वर्तमान में कोरोना की जांच के लिये केवल गले का सेम्पल लिया जा रहा है। इसे तत्काल बदलते हुए नाक एवं गला दोनों के सेम्पल लेकर उसका परीक्षण किया जाये। उन्होंने कहा कि इन्दौर में बेहतर तरीके से सेम्पल लिये जा रहे हैं, उसी तर्ज पर उज्जैन में भी सेम्पल लिये जायें और इसके लिये आवश्यकता पडऩे पर कर्मचारियों की पुन: ट्रेनिंग कराई जाये। यदि किसी मरीज में हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो भी उसे निगरानी में रखा जाये एवं उसे समझाईश दी जाये कि वह घुलेमिले न और उसका टेस्ट यदि निगेटिव आता है तो उसे घर जाने दिया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि कम से कम मरीजों के 15 सम्पर्क को अनिवार्य रूप से ट्रेस कर उन सम्पर्कों का भी कोरोना टेस्ट किया जाये। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये कि हम व्यक्ति में लक्षण पहचान कर उसे कम्युनिटी से दूर रखें, ताकि कम्युनिटी में इसका फैलाव न हो। पहला टेस्ट यदि पॉजीटिव आता है तो व्यक्ति के 15 कॉन्टेक्ट अनिवार्य रूप से ट्रेस किये जायें। जोखिम का एरिया छोटा रखा जाये। कुछ व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं होते हैं कि उनके अन्दर कोरोना के सिमटम हैं। ऐसे व्यक्तियों को घरेलू एकांतवास कर उनके घरों में पोस्टर लगाकर आसपास के लोगों को भी सचेत किया जाये। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि कोविड-19 अलग-अलग एरिया में प्रसारित हुआ है, जो चिन्ताजनक है। हालांकि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से कोरोना के प्रकरण में तेजी आई है। जो व्यक्ति अपना सेम्पल देकर जाते हैं और उनमें यदि लक्षण का आभास होता है तो तत्काल उन्हें ट्रेस कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जाता है। कोविड-19 के मरीजों में चार बैंककर्मी, आठ फायनेंसकर्मी, दो पुलिसकर्मी, दो एमआर, दो अनाज मंडी के व्यक्ति, चार सब्जी विक्रेता तथा हर वर्ग के व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री निकाली गई है। कलेक्टर ने बताया कि वृन्दावन कॉलोनी में 54 मरीज पाये गये। कॉलोनी घनी है। इस कॉलोनी से कोविड-19 का प्रसार किसी अन्य कॉलोनी में न फैले, इसके लिये विशेष सतर्कता रखी जा रही है। उज्जैन, महिदपुर, खाचरौद के आसपास के गांवों में से भी केस निकलकर सामने आ रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश-hindusthansamachar.in