भोपाल में 26 केन्द्रों पर शुरू हुई नीट की परीक्षा, तीन घंटे पहले बुलाने से विद्यार्थी हुए परेशान
भोपाल में 26 केन्द्रों पर शुरू हुई नीट की परीक्षा, तीन घंटे पहले बुलाने से विद्यार्थी हुए परेशान
मध्य-प्रदेश

भोपाल में 26 केन्द्रों पर शुरू हुई नीट की परीक्षा, तीन घंटे पहले बुलाने से विद्यार्थी हुए परेशान

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भोपाल, 13 सितम्बर (हि.स.)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 केन्द्रों पर रविवार को दोपहर दो बजे से राष्ट्रीय पात्रता और प्रवेश परीक्षा (नीट) शुरू हुई। परीक्षा केन्द्रों पर कोरोना के चलते सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गए और सभी सुरक्षित उपायों के साथ विद्यार्थियों को केन्द्रों पर प्रवेश दिया गया। हालांकि, परीक्षा शुरू होने से तीन घंटे पहले ही विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्र बुला लिया गया था, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। छात्रों के सेंटर में प्रवेश के बाद परिजन फुटपाथ पर बैठकर और सोकर समय बिताते नजर आए, क्योंकि कोरोना के कारण उन्हें कैम्पस में प्रवेश नहीं दिया गया। भोपाल में नीट परीक्षा के लिए 26 सेंटर बनाए गए हैं, जहां करीब 10 हजार विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें भोपाल के करीब 8 हजार विद्यार्थी व अन्य जिलों के 2000 विद्यार्थी शामिल हैं। बाहर के जिलों में सतना, होशंगाबाद, हरदा, दमोह, टीकमगढ़, रायसेन, अशोकनगर, सिंगरौली, रीवा, सीधी, छतरपुर, विदिशा, बालाघाट, राजगढ़, गुना, सीहोर, शाजापुर और आगर मालवा से नीट की परीक्षा देने के लिए 2000 से अधिक विद्यार्थी भोपाल पहुंचे हैं। नीट की परीक्षा देने के लिए भोपाल में प्रशासन ने उनके नि:शुल्क परिवहन की व्यवस्था की। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई। इसके लिए छात्रों को समय से तीन घंटे पहले यानी 11.20 बजे तक केन्द्रों पर पर रिपोर्ट करना अनिवार्य किया गया। छात्रों को उनके प्रवेश कार्ड पर रिपोर्टिंग टाइम दिया गया था। वहीं, भूखे-प्यासे परिजन फुटपाथ पर बैठकर इंतजार करते रहे। परीक्षा केन्द्रों पर 11 बजे से जांच के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश देना शुरू हो गया था। प्रवेश के दौरान लाइन में लगे कुछ विद्यार्थियों का धूप में खड़े होने से सिर का तापमान बढ़ गया, जिसके चलते उन्हें कुछ देर छाया में खड़ा करने के बाद वापस तापमान देखा गया और फिर प्रवेश दिया गया। कोरोना वायरस के चलते हर एक परीक्षार्थी का तापमान चेक कर उसे सेंटर में प्रवेश दिया गया। इसके साथ ही शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखा गया। सभी परीक्षार्थी मास्क लगाने के साथ सैनिटाइजर और पानी की बॉटल लेकर आए। छात्रों को परीक्षा केंद्र तक बसों से पहुंचाने की सुविधा सरकार द्वारा कर दी गई थी, लेकिन केन्द्रों के बाहर किसी तरह की व्यवस्था नहीं होने से परिजनों को परेशानी हुई। राजगढ़ से आए अपनी बेटी को नीट की परीक्षा दिलाए आए मांगीलाल ने बताया कि बस की सुविधा तो सरकार ने दी, लेकिन सेंटर में पेपर के तीन घंटे पहले बुलाना कष्टकारी है। बेटी को पेपर देने के लिए 3 घंटे अंदर इंतजार करना पड़ा। हमें यहां फुटपाथ पर 6 घंटे तक रहना पड़ रहा है। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश-hindusthansamachar.in