भाजपा में इस बार दिग्गज भी लड़ेंगे पार्षद का चुनाव, भावी प्रत्याशी पहुंच रहे वार्डों में
भाजपा में इस बार दिग्गज भी लड़ेंगे पार्षद का चुनाव, भावी प्रत्याशी पहुंच रहे वार्डों में
मध्य-प्रदेश

भाजपा में इस बार दिग्गज भी लड़ेंगे पार्षद का चुनाव, भावी प्रत्याशी पहुंच रहे वार्डों में

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उज्जैन, 02 अगस्त (हि.स.)। इस बार दिग्गज भी पार्षद पद का चुनाव लड़ेंगे। बार्डों में नामांकन न होने और विधानसभा की टिकट की बांट जोहते हुए उम्रदराज होने के बाद अब उनके पास एक ही चारा बचा है कि पार्षद बन जाएं, ताकि एमआईसी में आ जाएं ओर नगर सरकार के रूप में आने वाले पांच साल तक एक बार फिर सक्रियता बनाए रखें। खासकर भाजपा में ऐसे अनेक नेता हैं,जो समय चूक गए हैं और अब उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। ये बातचीत में तर्क दे रहे हैं कि इस बार बोर्ड बनना ही चाहिए। दमदार लोग खड़े होंगे तो आसानी से बन जाएगा। वहीं युवा तुर्क इस बार अधिक सतर्कता से काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि आनेवाला समय हमारा है,अत: हम क्यों पीछे रहें? भाजपा का वर्तमान बोर्ड 2 सितंबर तक अपना कामकाज करेगा। इसके बाद प्रशासक काल लग जाएगा। वार्डो का जो आरक्षण सामने आया है,उसने कई मिथिक तोड़ दिए हैं। हालात यह है कि शहर की राजनीति करनेवाले कई नेता जोकि अब युवा से प्रोढ़ हो गए हैं,अपने भविष्य के छटपटा रहे हैं। उनकी चिंता के दो कारण हैं- पहला यह कि सिंधिया गुट के भाजपा में आने के बाद आनेवाले समय में निगम,बोर्डो में जो भी नामांकन होंगे,उनमें कहीं न कहीं कार्यकर्ताओं का बंटवारा हो जाएगा। सिंधिया समर्थकों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। ऐसा होने पर आधे लोग एक बार फिर घर बैठ जाएंगे। इस बार घर बैठे तो सेवानिवृत्त जैसे हो जाएंगे। दूसरा यह कि उज्जैन उत्तर से आनेवाले विधानसभा चुनाव में सारे समीकरण नए बनेंगे। वहीं दक्षिण की स्थिति अभी से साफ है। ऐसे में जो लोग विधायक की टिकट की दौड़ में अभी तक थे,उनको साफ हो गया है कि आगे भी कोई गुंजाईश नहीं बची है। वे यह मानकर चल रहे हैं कि यदि पार्षद का टिकट मिल जाता है तो जीत की संभावनाएं अधिक रहेगी और एमआयसी में आने के लिए जोर लगाएंगे। ऐसा हो जाता है तो आगामी विधानसभा चुनाव के पूर्व तक अपनी जाजम पर समर्थकों की भीड़ एकत्रित करके, अनेक समीकरण बना लेंगे। ऐसे में चुनाव में जाना ठीक रहेगा। हिन्दुस्थान समाचार / ललित-hindusthansamachar.in