बैतूलः लॉकडाउन के 68 दिन में मिले थे सिर्फ 27 मरीज, अनलॉक के 53 दिन में 158 मिले
बैतूलः लॉकडाउन के 68 दिन में मिले थे सिर्फ 27 मरीज, अनलॉक के 53 दिन में 158 मिले
मध्य-प्रदेश

बैतूलः लॉकडाउन के 68 दिन में मिले थे सिर्फ 27 मरीज, अनलॉक के 53 दिन में 158 मिले

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बैतूल, 24 जुलाई (हि.स.)। आदिवासी बाहुल्य बैतूल जिले में अनलॉक के बाद लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमितों की संख्या में बेतहासा वृद्धि हो रही है। सरकार द्वारा 25 मार्च से 30 जून तक किए गए लॉकडाउन के चार चरणों के बाद एक जून से अनलॉक शुरू कर दिया गया। लॉकडाउन के 68 दिनों में जिले में मात्र 27 मरीज मिले थे, जिसका औसत दो दिन में एक मरीज का भी नहीं था, लेकिन एक जून से शुरू हुए लॉकडाउन के बाद मात्र 53 दिन में ही 158 कोरोना संक्रमित मिल गए हैं, जिसमें से दो की मौत भी हो चुकी है। जिले में जिस गति से कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, उससे प्रशासन ने अभी दो दिन के लॉकडाउन का निर्णय लिया है। यदि संक्रमितों के मिलने की रफ्तार इसी प्रकार रही तो जिले में एक सप्ताह या उससे भी अधिक समय का लॉकडाउन लग जाएगा जिसकी जिम्मेदारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाले आमजनों की होगी। कोरोना संक्रमण के देश पांव पसारते ही सरकार ने 22 मार्च को देश में एक दिन का जनता कफ्र्यू लगाने के बाद 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया था। बैतूल जिले में पहला कोरोना संक्रमित मरीज 6 अपै्रल को भैंसदेही में मिला था। इसके लगभग सवा महीने बाद तक जिले में दूसरा कोरोना मरीज नहीं मिला था। एकमात्र मरीज के भी ठीक होने के बाद जिला एक बार फिर कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गया था। प्रवासियों के आते ही बढ़ी कोरोना की रफ्तार लॉकडाउन के लगभग डेढ़ माह बाद सरकार ने प्रवासियों की घर वापसी का अभियान शुरू किया। जिले में प्रदेश के बाहर विशेषकर महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासियों ने जिले में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ाने का काम किया। मई माह के दूसरे पखवाड़े में कोरोना संक्रमितों के मिलने का जो सिलसिला शुरू हुआ जो अभी भी जारी है। आधे मई माह और जून में लॉकडाउन तक जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 27 तक ही पहुंची थी। लॉकडाउन के 68 दिनों में जिले में कुल 27 कोरोना संक्रमित मरीज थे। लॉकडाउन के दौरान जिले में दो दिन में एक मरीज भी नहीं मिल रहे थे। अनलॉक होते ही बेकाबू हुए हालात सरकार द्वारा एक जून से लॉकडाउन हटाकर चरणबद्ध तरीके से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई। अनलॉक होते ही लोगों को लगा की हम कोरोना से जंग जीत गए और आमजनों ने सरकार के दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद तो हालात बेकाबू से होने लगे। जून माह के अंत तक ही जिला कोरोना संक्रमितों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई। अब जिले में कुल संख्या 185 पहुंच गई है। अनलॉक को अभी मात्र 53 दिन ही हुए हैं, जिसमें अभी तक 158 कोरोना संक्रमित मरीज मिल गए वहीं जिले में दो लोगों की कोरोना से मौत भी हो गई। अनलॉक के दौरान लॉकडाउन की तुलना में पांच गुना से अधिक मरीज प्रतिदिन मिले हैं। लॉकडाउन की आशंका जिले में अनलॉक के दौरान मरीजों की लगातार संख्या बढऩे से फिर से लॉकडाउन का खतरा मंडराने लगा है। प्रदेश सरकार ने पिछले दो रविवार से प्रत्येक रविवार को लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया था। लेकिन जिले में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या से रविवार के साथ सोमवार को भी लॉकडाउन का निर्णय लिया गया। इसके बाद भी यदि जिले में हालात नहीं सुधरते है तो भोपाल की तरह जिले में भी एक या दो सप्ताह का लॉकडाउन हो सकता है। हिन्दुस्थान समाचार / विवेक / मुकेश-hindusthansamachar.in