बेटे के शव के इंतज़ार में बैठे रहे बुजु़र्ग पिता, आयोग ने लिया संज्ञान
बेटे के शव के इंतज़ार में बैठे रहे बुजु़र्ग पिता, आयोग ने लिया संज्ञान
मध्य-प्रदेश

बेटे के शव के इंतज़ार में बैठे रहे बुजु़र्ग पिता, आयोग ने लिया संज्ञान

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भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। राजधानी भोपाल में अपने इकलौते बेटे के शव के इंतजार में बुजुर्ग पिता के भटकने की घटना पर मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जैन ने कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल तथा अधीक्षक (एम्स) भोपाल से तीन दिन में प्रतिवेदन मांगा है। मानव अधिकार आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवधपुरी के समन्वय नगर निवासी कृषि विभाग से सेवानिवृत्त कांतिलाल उरकुड़े का 30 वर्षीय पुत्र जयंत नौकरी की तलाश में था। बीते सोमवार की रात 7:30 बजे घर लौटा और कुछ देर बाद सांस लेने में तकलीफ होने लगी। एम्बुलेंस बुलाकर जयंत को एम्स भेजा गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। एम्स में बताया गया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद शव सौंपा जायेगा। पोस्टमार्टम कोरोना रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। रात 12 बजे मृतक के सैम्पल लेते समय मंगलवार की दोपहर तक रिपोर्ट मिल जाने की बात कही थी। मंगलवार को परिजन पहुंचे, तो उन्हें माइक्रोबॉयोलॉजी डिपार्टमेंट जाने को कहा गया। वहां जिम्मेदार कुछ देर में रिपोर्ट मिलने की बात कहते रहे। मरचुरी में पोस्टमार्टम के लिये रिपोर्ट का इंतज़ार करते रहे। शाम 5 बजे के बाद पोस्टमार्टम न होने की बात कही, तो वहीं माइक्रोबॉयोलॉजी से कहा कि रिपोर्ट जब भी आयुष विंग पहुंचेगी, तब ले लेना। इधर, मृत युवक के बुजुर्ग पिता अपने बेटे के शव के इंतजार में परिजनों के साथ भटकते रहे। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in