बिना जीएसटी बिल के हुआ भुगतान, शासन को लगाई लाखों की चपत
बिना जीएसटी बिल के हुआ भुगतान, शासन को लगाई लाखों की चपत
मध्य-प्रदेश

बिना जीएसटी बिल के हुआ भुगतान, शासन को लगाई लाखों की चपत

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रतलाम, 5 नवम्बर (हि.स.)। जिले की पिपलौदा तहसील में जनपद अध्यक्ष संतोष सुरेश धाकड़ की गृह ग्राम पंचायत रियावन में भी भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। धाकड़ कंस्ट्रक्शन चिकलाना के माध्यम से एक फर्जी बिल लगाया गया, जिसमें ना तो बिल क्रमांक ना ही बिल की दिनांक तथा जीएसटी नंबर अंकित है और ये भी नहीं बताया गया कि उक्त सामग्री किस निर्माण कार्य मे उपयोग की गई है । पंचायत के जवाबदार सरपंच सचिव के हस्ताक्षर के बिना ही करीब 1 लाख 14 हजार का भुगतान सीमेंट, रेत व अन्य सामग्री के लिए किया गया। इसमें यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह राशि धाकड़ कंस्ट्रक्शन को किस खाते में भुगतान की गई है। ऐसी ही स्थिति एक अन्य बिल की है जो 88995 रुपये का है। यह सांवलिया कंस्ट्रक्शन के नाम से है। 21 फरवरी 2019 को लगा यह बिल किसी बिल बुक के स्थान पर कंप्यूटर पर बना हुआ प्रदर्शित हो रहा है। इसमें भी कार्य विवरण के साथ खाता नम्बर व जीएसटी नंबर का कोई लेखाजोखा नहीं है। यह बिल रेत, गिट्टी व मुरम के परिवहन का है, इसमें किस वाहन क्रमांक से परिवहन किया गया है तथा कितनी रायल्टी चुकाई गई है, इसका विवरण भी नदारद है । पंचायत के इस कृत्य से शासन को लाखों रुपये की चपत लग रही है। अगर शासन के पंचायत दर्पण पर अपलोड बिलों की जाँच पड़ताल की जाए तो क्षेत्र की कई पंचायतों में इस प्रकार के मामले देखने को मिलेंगे व फर्जी बिलो से लाखों का गबन सामने आएगा । जिम्मेदारों के इस रवैये से साफ होता है कि मामले में काफी झोल है। अगर समस्त पंचायतों की जांच हो तो करोड़ो रुपये का गबन सामने आ सकता है। क्या कहते हैं जिम्मेदार- -इस संबंध में जब ग्राम पंचायत की महिला सरपंच सूरज बाई से बात हुई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत में जानकारी मिल सकती है और जानकारी के लिए आपको पँचायत में आना होगा मुझे मौखिक जानकारी नहीं है। -ग्राम पंचायत के सचिव घनश्याम सूर्यवंशी से खबर प्रकाशन के सम्बंध में बात करना चाही तो इन्होंने 3 दिन से कॉल रिसीव नही किया। -जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अल्फिया खान का कहना है रियावन पंचायत में जो अनियमिता वाले बिल लगे है वह पूर्व सचिव के कार्यकाल में लगे है और पूर्व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है । हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in