प्रथम चरण में फीस माफी का विकल्प खत्म करने का विरोध, सौंपा गया ज्ञापन
प्रथम चरण में फीस माफी का विकल्प खत्म करने का विरोध, सौंपा गया ज्ञापन
मध्य-प्रदेश

प्रथम चरण में फीस माफी का विकल्प खत्म करने का विरोध, सौंपा गया ज्ञापन

news

गुना, 07 सितम्बर (हि.स.)। प्रवेश प्रक्रिया के प्रथम चरण में फीस माफी का विकल्प खत्म करना उच्च शिक्षा विभाग का छात्र विरोधी कदम है। इसलिए इसे छात्र हित में वापस लिया जाना चाहिए। यह मांग छात्र संगठन ऑल इंडिया डीएसओ ने सोमवार को कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर की है। डीएसओ के कॉलेज इकाई अध्यक्ष सुनील सेन ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 4 सितम्बर को निर्देश जारी कर प्रथम वर्ष की प्रवेश शुल्क की प्रथम किस्त 1000 रुपये अनिवार्य कर दी गई है। जबकि एससी, एसटी व ओबीसी के छात्रों की प्रवेश शुल्क माफ की जाती है, जिससे गरीब मध्यम वर्ग के छात्र प्रवेश शुल्क की राशि के कारण प्रवेश से वंचित न हों। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण पहले से ही कई परिवार बुरी तरह प्रभावित हैं। इस तरह की योजनाओं को छीन लेना उनके सामने नई समस्याएं खड़ी कर देगा। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in