निकायों में बिछने लगी चुनावी चौसर, दावेदारों ने शुरू की तैयारियां
निकायों में बिछने लगी चुनावी चौसर, दावेदारों ने शुरू की तैयारियां
मध्य-प्रदेश

निकायों में बिछने लगी चुनावी चौसर, दावेदारों ने शुरू की तैयारियां

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ग्वालियर, 17 दिसम्बर (हि.स.)। पिछले दिनों संपन्न हुई आरक्षण की प्रकिया के बाद अब नगरीय निकायों में चुनावी चौसर बिछने लगी है।चुनाव मैदान में उतरने वाले दावेदारों ने तैयारियां तेज करते हुए नगर की सत्ता पर काबिज होने के लिए मेल मिलाप का दौर शुरू कर दिया है। वहीं अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए स्थानीय निकाय के संभावित उम्मीदवार तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। जिससे पैदा हुई राजनैतिक गर्माहट सार्वजनिक स्थलों पर चर्चा के रूप में महसूस होने लगी है। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष पूर्ण हुए नगरीय निकायों अध्यक्ष पार्षदों के कार्यकाल के लंबे समय बाद प्रदेश सरकार ने बहुप्रतीक्षित नगरीय चुनाव की प्रक्रिया आरक्षण के साथ शुरू कर दी है। नगर परिषद अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए संभावित दावेदार अपने पक्ष में मतदाताओं को करने के लिए मनोव्वल में जुट हुए हैं। उनके द्वारा आमजन के बीच पहुंचकर पैठ बनाई जा रही है। जिससे चुनावी समर में कामयाबी हासिल हो सके। वहीं अनारक्षित होने के बाद बदले समीकरण को देखते हुए चुनावी चौसर में दावेदारों ने गोटियां बिठाना शुरू कर दी है। वहीं, जनवरी माह में संभावित नगर परिषद के चुनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है। नगर परिषद अध्यक्ष पद पार्टी का उम्मीदवार काबिज हो, इसके लिए सत्ताधारी दल भाजपा ने भी जिताऊ जमीनी नेता की तलाश शुरू कर दी है। बताते हैं कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने जातीय समीकरण, लोगों की पसंद के आधार पर जानकारियां एकत्रित की जा रही हैं। वहीं भाजपा से टिकट हासिल करने के लिए दावेदारों ने अपने आकाओं के दरबाजे की चौखट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है। बताते हैं कि भाजपा से पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सतीश मघैया, पूर्व जिला सरकार सदस्य अशोक अग्रवाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राजेन्द्र दिघर्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पार्षद केके पाराशर एवं रमेश प्रजापति के नामों की चर्चाएं पान की गुमठियों, हेयर सैलूनों एवं चाय स्टालों पर गर्म है। मन्नू, रघुबीर और पूजा की कांग्रेस से दावेदारी वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी नगरीय निकाय चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशी चयन की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश नेतृत्व ने इसको लेकर जिलों में प्रभारी भी बना दिये हैं। पार्टी की ऐसी सक्रियता देख स्थानीय नगर परिषद अध्यक्ष पद पर पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनने के लिए कांग्रेस नेताओं ने गोटियां बिठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस का टिकिट हासिल करने के लिए दावेदार संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व के यहां हाजिरी लगाने में जुटे हुए हैं। बताते हैं कि ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मन्नू यादव, पूर्व पार्षद रघुबीर सिंह यादव एवं युवा नेता अतुल उपाध्याय की पत्नी पूजा उपाध्याय ने टिकट मांगकर अपनी दावेदारी पेश की है। चल पड़ा गोठों का सिलसिला वहीं नगर पंचायत के चुनाव मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों ने अपने पक्ष में माहौल बनाने के उद्देश्य गोठों का सिलसिला शुरू कर दिया है। आए दिन अपने समर्थकों के साथ उनके द्वारा हर वर्ग के लिए गोठ आयोजित कर दाल बाटी खिलाई एवं मनपसंद खाना खिलाया जा रहा है। जिससे नगर में निकाय चुनाव की आहट दिखाई दे रही है। अनारक्षित होने से मचेगा घमासान नगर परिषद अध्यक्ष पद अनारक्षित होने से इस बार चुनाव में घमासान की स्थिति पैदा होगी। दस साल बाद अनारक्षित हुई अध्यक्ष की सीट पर सामान्य वर्ग को मैदान में उतरने का मौका मिला है। जिससे उत्साहित इस वर्ग के नेता पूरी ताकत झोंककर विजयीश्री हासिल करने मैदान में उतरेंगे, वहीं कई लोग इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोडक़र देख रहे हैं। इसलिए चुनाव में धनबल, बाहुबल के उपयोग की पूरी संभावना हैं। हिन्दुस्थान समाचार / श्याम / मुकेश / उमेद-hindusthansamachar.in