दुकान बंद करने में देर हुई तो व्यापारी को पीटा, आयोग ने मांगी रिपोर्ट
दुकान बंद करने में देर हुई तो व्यापारी को पीटा, आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मध्य-प्रदेश

दुकान बंद करने में देर हुई तो व्यापारी को पीटा, आयोग ने मांगी रिपोर्ट

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भोपाल, 31 जुलाई (हि.स.)। कोरोना संकट के दौरान प्रशासन की गाइडलाइन की आड़ में कई जगहों पर पुलिसकर्मियों द्वारा मनमानी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इंदौर में एक व्यापारी के साथ ऐसी ही घटना हुई। दुकान बंद करने में कुछ देर हो जाने पर पहले तो पुलिसकर्मियों ने उसे पीटा और फिर 10 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया। इस घटना पर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और इस मामले में आयोग ने संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक से तीन सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। मानव अधिकार आयोग द्वारा शुक्रवार को दी गई जानकारी के अनुसार कोरोना गाइडलाइन के नाम पर जूनी इन्दौर थाने के एक एसआई ने व्यापारी को जमकर पीटा। फिर उससे 25 हजार रूपये की मांग की। सुबह पूर्व पार्षद के साथ व्यापारी ने सीएसपी को शिकायत की, तो उन्होने सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच कर जांच बिठा दी। व्यापारी का मेडिकल भी कराया है। मामला गंभीर हुआ तो एसआई पर केस दर्ज होगा। व्यापारी रमेश जगवानी ने बताया कि माणिकबाग रोड पर उनका आइस्क्रीम पार्लर है। बीते बुधवार को दुकान बंद करते-करते 9.45 बज गये। तभी दो सिपाही आये और गाली-गलौज करने लगे। बोले टीआई साहब थाने बुला रहे हैं। थाने में टीआई ने कहा कि एक घंटे बाद छोड़ देना। रात 11 बजे शिफ्ट बदली तो एसआई आए। उन्होंने प्लास्टिक पाइप से खूब पीटा। फिर बोले सेवा कर, वरना केस दर्ज होगा। पच्चीस हजार लगेंगे। फिर दस हजार पर माने। उन्होंने बेटे को कॉल कर रूपये मंगवाए। सब इंस्पेक्टर ने थाने में पैसे लिये, तब जाकर छोड़ा। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in