दहेज लोभी पति, सास एवं ससुर को सश्रम कारावास की सजा
दहेज लोभी पति, सास एवं ससुर को सश्रम कारावास की सजा
मध्य-प्रदेश

दहेज लोभी पति, सास एवं ससुर को सश्रम कारावास की सजा

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पन्ना, 16 अक्टूबर, (हि. स.)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पन्ना पीएन सिंह की अदालत ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगाने वाली महिला के पति, सास और ससुर को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास और सात-सात हजार रुपये का अर्थदण्ड से दंडित किया है। जिला लोक अभियोजक किशोर श्रीवास्तव ने शुक्रवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 27 दिसम्बर 2018 को ग्राम रब्बू चौधरी पत्नी अनिल चौधरी ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। जांच उपरांत थाना सलेहा में धारा-304बी, 498ए भा0दं0वि0 एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत आरोपित पति अनिल चौधरी (26) पुत्र संतोका चौधरी, ससुर संतोका (59) पुत्र गोकलिया चौधरी एवं सास- केशकली चौधरी (50) सभी निवासी- ग्राम-कल्दा, थाना-सलेहा, जिला पन्ना दहेज प्रताड़ना के दोषी पाये गए। बताया गया कि आरोपित शादी के बाद से ही दहेज में सोफासेट, फ्रिज, सोने की चैन और पच्चीस हजार रुपये की मांग करते थे तथा घटना के तुरन्त पूर्व भी दहेज को लेकर प्रताड़ना कर मृतका रब्बू बाई को मारपीट की और उसे लगातार दहेज हेतु शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। अभियोजन साक्ष्य से संतुष्ट होकर न्यायालय द्वारा उपरोक्त सजा सुनाई गई। अदालत ने तीनों आरोपित को धारा-304बी/34 भा0दं0वि0 के अन्तर्गत दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा चार-चार हजार रुपये का अर्थदण्ड तथा धारा-498ए/34 भा0दं0वि0 के अन्तर्गत दो-दो वर्ष सश्रम कारावास एवं दो-दो हजार रुपये का अर्थदण्ड एवं धारा-4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया गया। हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश पाण्डेय-hindusthansamachar.in