दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के शोषण के खिलाफ धरना आंदोलन
दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के शोषण के खिलाफ धरना आंदोलन
मध्य-प्रदेश

दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों के शोषण के खिलाफ धरना आंदोलन

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रतलाम, 12 सितम्बर (हि.स.)। कोरोना महामारी के आढ़ में विभिन्न श्रम कानूनों का उल्लंघन कर दवा प्रतिनिधियों का विभिन्न कंपनी द्वारा किये जा रहे शोषण के विरोध में शनिवार को मध्य प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेन्टेटिव की रतलाम शाखा द्वारा सांकेतिक धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जानकारी देते हुए रतलाम शाखा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि वर्तमान में सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज एक्ट 1976 के तहत सेल्स प्रतिनिधियों को विस्तृत अधिकार प्राप्त है जैसे बोनस,छुट्टी, ग्रेच्यूटी , मेडिकल की सुविधा हेतु अधिकार रक्षित है यदि इन कानूनों में बदलाव किया जाता है तो नियोक्ताओं द्वारा मनमानी की जायेगी एवं श्रमिको को स्थायी नौकरी के स्थान पर अस्थायी नौकरी दी जायेगी । शाखा सचिव हरीश सोनी ने बताया कि यदि कोई कंपनी हमारे साथियो के खिलाफ कोई कार्यवाही करती है तो संबधित कंपनी के खिलाफ भी पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा । इस अवसर पर लखन नागदा,सचिन तिवारी,अखिलेश पुष्पद,अलोक शर्मा ,नीलेश जायसवाल,करण कुमार ,इमरान खान आदि विशेष रूप से उपस्थित थे । दवा प्रतिनिधियों की प्रमुख मांगे - सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज एक्ट 1976 का बचाव करों, न्यूनतम मजदूरी लागू करो, काम के घंटे आठ करो, श्रम कानूनों में बदलाव बंद करो, सरकारी अस्पतालों में काम का अधिकार दो, सेल्स ग्राउंड पर हो रहे अत्याचार बंद करो, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से निगरानी बंद करो, पुरानी पेंशन बहाल करो, समान कार्य का समान वेतन दो,महंगाई पर रोक लगाओ औऱ बेरोजगारों को रोजगार दो। हिन्दुस्थान समाचार/ शरद जोशी-hindusthansamachar.in