दलित किसान की जमीन पर जबरन कब्जा, रास्ता निकालने पर आमादा प्रशासन
दलित किसान की जमीन पर जबरन कब्जा, रास्ता निकालने पर आमादा प्रशासन
मध्य-प्रदेश

दलित किसान की जमीन पर जबरन कब्जा, रास्ता निकालने पर आमादा प्रशासन

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गुना, 23 जुलाई (हि.स.)। एक तरफ तो जगनपुर चक पर दलित परिवार के साथ हुई बर्बरता को लेकर राजनीतिक दल और प्रशासन हमदर्दी बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ सेमरा के दलित किसान की निजी भूमि से रास्ता निकालने पर प्रशासन के कुछ अधिकारी परेशान हैं। जबकि उसे न्यायालय से स्टे मिला हुआ है। इस भूमि से सार्वजनिक रास्ता तो निकालने की बात अधिकारी कर रहे हैं लेकिन उसकी इस आधा बीघा जमीन का मुआवजा दिलाने को कोई भी अधिकारी तैयार नहीं हैं। सेमरा गांव के दलित किसान जीवनलाल, राजेन्द्र अशोक कोरी पुत्र पन्नालाल कोरी की सेमरा में जमीन है, उसकी भूमि पर कोई आम रास्ता नहीं हैं। उसके खेत के पास होकर एक आम कच्चा ग्राम सेमरा से ग्राम दोषपुर के लिए जाता है। उक्त रास्ते को इनकी भूमि से कोई वास्ता नहीं हैं।न ही इनकी भूमि पर आमजन के द्वारा निकलने हेतु कोई रास्ते का उपयोग किया गया है। उनकी भूमि से जबरन रास्ता निकलवाने का प्रयास इस गांव की ग्राम पंंचायत कुंदौल के सरपंच व सचिव नायब तहसीलदार सर्कल ऊमरी, कार्यपालन यंत्री तहसीलदार सर्कल ऊमरी, कार्यपालन यंत्री गा्रमीण यांत्रिकी सेवा संभाग आदि उसकी स्वयं के नाम की निजी भूमि से बिना अधिकारिता के रास्ता कायम कर सडक़ निर्माण का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेज दिया है और संबंधित निर्माण एजेन्सी दलित किसान की भूमि पर जबरिया सडक़ निर्माण करने पर आमादा है। उन्होंने बताया कि दलित किसान के द्वारा शासन के इस रवैया को लेकर और अवैधानिक तरीके से भूमि पर निर्माण किए जाने के संबंध में न्यायालय सिविल कोर्ट गुना में प्रकरण दर्ज कराया गया है। उस प्रकरण में प्रशासन एवं निर्माण एजेन्सी के विपरीत स्टे आर्डर पारित हो जाने के बाद भी प्रशासन और उसके आला अधिकारी दलित किसान पर जबरिया दबाब बनाकर सडक डालने का प्रयास कर रहे हैं। इसको रोका जा रहा है तो प्रशासनिक अधिकारी उसे जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in