दर्द से कराह रही महिला का घर में कराया सुरक्षित प्रसव, दो बच्चों को दिया जन्म

दर्द से कराह रही महिला का घर में कराया सुरक्षित प्रसव, दो बच्चों को दिया जन्म
दर्द से कराह रही महिला का घर में कराया सुरक्षित प्रसव, दो बच्चों को दिया जन्म

अनूपपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश की सीमा से लगी गुजर नदी को पैदल पार छत्तीसगढ़ की सीमा में बसे गांव सिवनी के छपराटोला में दर्द से कराह रही 21 वर्षीय महिला गंगोत्री रैदास पत्नी मोहन रैदास निवासी बिजौड़ी का सुरक्षित प्रसव कराकर दो जुड़वा बच्चों को नई जिदंगी दी। कोतमा स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत जननी एम्बुलेंसकर्मियों ने मानवता की मिशाल पेश करते हुए महिला की हालत नाजुक देखते हुए तत्काल कैनवास स्टेचर पर लादकर ग्रामीणों की मदद से 100 मीटर चौड़ी नदी वापस वाहन के पास लौटे और जज्जा व बच्चा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल दोनों जच्चा और बच्चा सुरक्षित इलाजरत है। एएमटी दीनदयाल जायसवाल ने शनिवार को बताया कि भोपाल से शुक्रवार को सूचना मिली कि बिजौड़ी गांव में महिला प्रसव केस है। जिसपर फोन करने पर पता चला कि आशा कार्यकर्ता बिजौड़ी अनूपपुर की है, लेकिन प्रसव पीडि़त महिला जो अपने मायके सिवनी गई है और महिला प्रसव पीड़ा से कराह रही है। आशा कार्यकर्ता द्वारा पति का नाम गलत बताया किया था, बावजूद एम्बुलेंस कर्मचारी खोजबीन करते हुए प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे उमरिया बीड़ गांव पहुंचे, जिसके बाद 100 मीटर चौड़ी गुजर नदी (नाला) बह रहा था, यहां से आगे जाने का कोई रास्ता नहीं था। इसी दौरान महिला परिवार का एक लड़का नदी पार से घुटनाभर गुजर नदी को पार करता हुआ वाहन के पास आया और बताया कि प्रसव तेज है, जल्दी चले। एएमटीम दीनदयाल जायसवाल, और चालक राज कुमार साहू महिला के घर पहुंचे, जहां प्रसव के लिए भी सुरक्षित जगह नहीं था। लेकिन महिला को उठाकर अन्यत्र कहीं नहीं ले जाया सकता था। इसी दौरान एएमटी ने परिजनों को विश्वास में लेते हुए महिला का सुरक्षित प्रसव कराया, पहला बालक 2.25 मिनट और दूसरी बालिका 2.30 मिनट पर जन्मा। इसके बाद एम्बुलेंस कर्मियों ने महिला को स्टैचर पर लादकर नदी पार करते हुए एम्बुलेंस वाहन से जिला चिकित्सालय अनूपपुर पहुंचे। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला-hindusthansamachar.in

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