तूल पकड़ रहा है पर्चे के अभाव में युवक की मौत का मामला, कठघरे में अस्पताल प्रबंधन
तूल पकड़ रहा है पर्चे के अभाव में युवक की मौत का मामला, कठघरे में अस्पताल प्रबंधन
मध्य-प्रदेश

तूल पकड़ रहा है पर्चे के अभाव में युवक की मौत का मामला, कठघरे में अस्पताल प्रबंधन

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गुना, 24 जुलाई (हि.स.)। पर्चे के अभाव में जिला अस्पताल में बीते रोज हुई एक युवक की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन सीधे तौर पर उक्त मामले को लेकर एक बार फिर कठघरे में आ गया है। घटना के बाद से ही युवक की मौत को लेकर प्रबंधन की लापरवाही और अमानवीयता को जिम्मेदार माना जा रहा है। इस अमानवीयता और असंवेदनशीलता को लेकर नवागत कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम भी खासे सख्त देखने को मिल रहे हैं। घटना के तुरंत बाद जहां उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. एसके श्रीवास्तव को नोटिस थमा दिया तो शुक्रवार को मामले की जांच के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दी। दूसरी ओर सीएस ने अपनी जांच रिपोर्ट में हजम न होने वाली जानकारी देते हुए कहा है कि मरीज को अस्पताल के अंदर तक ही नहीं लाया गया, वहीं परोक्ष रुप से उसकी मौत का कारण टीबी और नशे की आदत को बताया है। दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रशासन को एक ज्ञापन मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए सौपा है। यह है मामला उल्लेखनीय है कि पड़ोसी जिले अशोकनगर की शंकर कॉलोनी निवासी सुनील धाकड़ को गंभीर स्थिति में उनकी पत्नी आरती जिला अस्पताल लेकर आई थी। अशोकनगर से अपने पति को गुना तक लाने में आरती के सारे पैसे खर्च हो गए थे। यहां तक की उसके पास अस्पताल का पर्चा बनवाने तक के लिए पैसे नहीं थे। यहीं कारण रहा कि वह पर्चा नहीं बनवा सकी। महिला ने बताया था कि पर्चा नहीं बनने के कारण उसके पति को अस्पताल में न तो भर्ती किया गया और न उनका इलाज किया गया। जिससे रात भर उनके पति अस्पताल के बाहर ही पड़े रहे। बाद में उनके पति की मौत हो गई। आरती ने आरोप लगाया था कि अगर समय रहते उनके पति को उपचार मिल जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। पर्चा काउंटर तक नहीं पहुंचा कोई : सीएस अपनी आठ पृष्ठीय जांच रिपोर्ट में सिविल सर्जन डॅा. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि जिला अस्पताल के सीसीटीव्ही फुटेज के आधार पर सनील धाकड़ की पत्नी श्रीमति आरती रजक अथवा उनका कोई अटेण्डर का पर्ची काउंटर पर आना नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिला अस्पताल में रोगी की पर्ची नि:शुल्क बनाई जा रही है तथा पर्ची बनाने के लिए कोई शुल्क नही लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सुनील धाकड़ की पत्नी आरती रजक के बयान लिए गए हैं। पर्ची काउंटर पर तैनात कर्मचारियों की पहचान कराई जाने पर उन्होंने बताया कि इनमें से किसी ने कोई पैसे नही लिए ना ही इस बारे में कोई बात हुई। मृतक की पत्नी ने अपने कथन में यह भी स्वीकार किया कि रोगी को उपचार के लिए अस्पताल के अंदर लाया नहीं गया। बाहर ही रखे रहे। सिविल सर्जन ने अपने जांच प्रतिवेदन में कहा है कि उक्त मरीज न तो अस्पताल के भीतर आया, ना ही कोई पर्चा बनवाया ना ही किसी चिकित्सक या कर्मचारी से सम्पर्क किया। उक्त व्यक्ति के संबंध में उसके मित्र जमील खॉन से जानकारी प्राप्त हुई की मृतक सुनील धाकड क्षय रोग से पीडित था एवं शराब व नशे का आदि था। पहले सीएस को नोटिस, अब कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जिला अस्पताल में घटित उक्त अमानवीय घटना को लेकर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम खासे गंभीर दिखाई दे रहे है। सोशल मीडिया से मामले की जानकारी लगने के तुरंत बाद उन्होने सिविल सर्जन डॅा. एसके श्रीवास्तव को नोटिस थमा दिया। नोटिस के जवाब में सीएस द्वारा शुक्रवार को प्रस्तुत आठ पृष्ठीय जांच रिपोर्ट से वह संतुष्ट नहीं हुए और उन्होने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए। इसके लिए विशेष जांच अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सोनम जैन को बनाया गया है। श्रीमती जैन सात दिन में अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को देंगी। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in