तूफानी बारिश ने कई गांवों में मचाई तबाही, किसानों ने की मुआवजे की मांग
तूफानी बारिश ने कई गांवों में मचाई तबाही, किसानों ने की मुआवजे की मांग
मध्य-प्रदेश

तूफानी बारिश ने कई गांवों में मचाई तबाही, किसानों ने की मुआवजे की मांग

news

बैतूल, 24 जुलाई (हि.स.)। सावन माह के दूसरे पखवाड़े में जिले में हल्की बारिश का दौर जारी है, लेकिन गुरुवार शाम को बैतूल विकासखंड के सेहरा, अमदर, गोराखार, बघोली, चारबन, सेलगांव सहित दर्जनभर में हुई तूफानी बारिश ने जमकर तबाही मचाई। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से सैकड़ों एकड़ में खड़ी मक्का एवं सोयाबीन की फसल को जबरदस्त नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र के किसानों ने कृषि एवं राजस्व अधिकारियों से तूफानी बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा दिलवाने की मांग की है। तेज हवाओं के साथ लगभग डेढ़ घंटे हुई मूसलाधार बारिश जिला मुख्यालय बैतूल सहित आसपास के इलाकों में गुरुवार शाम को अचानक आसमान पर बादल छा गये थे तथा बादलों की गडग़ड़ाहट होने लगी। इस दौरान जिला मुख्यालय पर तो बारिश नहीं हुई, लेकिन बैतूल विकासखंड के सेहरा, अमदर, गोराखार, बघोली, चारबन एवं सेलगांव सहित आसपास के ग्रामों में करीब डेढ़ घंटे तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इन ग्रामों में हुई तूफानी बारिश ने खेतों में लहलहाती फसलों पर कहर बरपाया। तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से मक्का एवं सोयाबीन की फसल खेतों में आड़ी हो गई। जिसके पुन: खड़े होने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। बघोली ग्राम के उन्नत कृषक रमेश गायकवाड़ ने बताया कि तेज हवाओं एवं बारिश से आठ एकड़ में लगी मक्का की फसल आड़ी हो गई है। तेज हवाओं एवं बारिश से बैतूल विकासखंड के पटवारी हल्का नंबर 56, 64 एवं 71 में सैकड़ों एकड़ मक्का एवं सोयाबीन फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। कृषक रमेश के मुताबिक मक्का की फसल के खेत में गिर जाने से अब वह खेत में खड़ी नहीं हो पाएगी। जिससे सेहरा, अमदर, गोराखार, बघोली, चारबन एवं सेलगांव के किसानों को जबरदस्त नुकसान होगा। फसल बीमा को लेकर संशय तूफानी बारिश से सेहरा, अमदर, गोराखार, बघोली, चारबन, सेलगांव सहित दर्जनभर ग्रामों में सैकड़ों एकड़ में खड़ी मक्का, सोयाबीन की फसलें बर्बाद होने से किसानों को करोड़ों के नुकसान का अनुमान है। प्रभावित किसानों की मानें तो जो फसल बर्बाद हुई है उसमें लाखों रुपये की लागत लगा चुके हैं। इधर प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत ऋणी-अऋणी किसानों की फसलों का बीमा नहीं होने से बारिश से बर्बाद हुई फसलों का फसल बीमा नहीं मिलने से भी किसान खासे परेशान नजर आ रहे है। क्योंकि खरीफ सीजन में फसल बीमा करने की प्रक्रिया अभी चल रही है। 31 जुलाई बीमांकन की अंतिम तिथि है। फसल बीमा नहीं होने से बीमा राशि से वंचित हो गये। किसानों को अब मुआवजे की आस है। प्रभावित किसानों ने कलेक्टर से तूफानी बारिश से बर्बाद हुई फसल का तत्काल सर्वे करवाकर मुआवजे का भुगतान करने की मांग की है। सर्वे कर नुकसान का आंकलन करेंगे- डीडीए कृषि उपसंचालक भगत ने बताया कि बैतूल विकासखंड के आधा दर्जन ग्रामों में तेज हवाओं एवं बारिश से फसलों को नुकसान होने की जानकारी एसएडीओ बैतूल से मिली है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को कृषि विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी। डीडीए के मुताबिक राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर नुकसान का आंकलन किया जायेगा। मुआवजा भुगतान की कार्यवाही राजस्व विभाग द्वारा की जायेगी। फसल बीमा के सवाल पर डीडीए का कहना था कि जिन किसानों का फसल बीमा हो गया होगा उन्हें बारिश से फसलों को हुए नुकसान की बीमा राशि का भुगतान बीमा कंपनी करेगी। परंतु जिन किसानों का फसल बीमा नहीं हुआ है उन्हें फसल बीमा की राशि नहीं मिलेगी। हिन्दुस्थान समाचार / विवेक / मुकेश-hindusthansamachar.in