झामसिंग धुर्वे के एनकाउंटर पर आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
झामसिंग धुर्वे के एनकाउंटर पर आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
मध्य-प्रदेश

झामसिंग धुर्वे के एनकाउंटर पर आयोग ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट

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भोपाल, 16 सितम्बर (हि.स.)। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने बालाघाट जिले के गढी थाना क्षेत्र के बसपहरा के जंगल में कथित फर्जी एनकाउंटर में छत्तीसगढ राज्य के बालसमुंद निवासी झामसिंह धुर्वे की मौत पर संज्ञान लिया है। इस मामले में आयोग ने पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश, पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर पुलिस रेंज तथा पुलिस अधीक्षक, बालाघाट से तीन सप्ताह में विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है। मानव अधिकार आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार झामसिंह धुर्वे के एनकाउंटर का मामला अब आंदोलन का रूप ले चुका है। बालसमुंद निवासी ग्रामीण झामसिंग धुर्वे को न्याय दिलाने अब दो राज्यों के आदिवासी समाज ने कमर कस ली है और सड़क पर उतरकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आंदोलन शुरू कर दिये है। झामसिंग धुर्वे सहित पूर्व में नक्सली-पुलिस मुठभेड में मारे गये बेकसूर आदिवासी ग्रामीण और नक्सली बताकर गिरफतार किये गये ग्रामीणों से जुड़े उन तमाम मामलों को लेकर आदिवासी समाज अब एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहा है, तो वहीं मण्डला, बालाघाट, डिंडौरी, सिवनी जिले के विधायक कंधे से कंधा मिलाकर आदिवासियों के हित में आंदोलन को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। नक्सली मामले को लेकर आदिवासियों पर हो रहे पुलिस के अत्याचार से आदिवासी समुदाय के सब्र का बांध अब फूट चुका है और वे बेगुनाहों को न्याय दिलाने सड़क पर उतर गये हैं। पन्द्रह सितम्बर को बालाघाट जिला मुख्यालय में आदिवासी समुदाय का जनसैलाब देखने को मिला। यह जनसैलाब उत्कृष्ट मैदान से प्रारंभ होकर सिरवैया चौक पर आकर समाप्त हो गया, क्योंकि आदिवासियों के आक्रोश को देखते हुये पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था तथा जगह जगह बैरिकेड्स लगा दिये थे। आदिवासी विकास परिषद सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों के बैनर तले मण्डला, बालाघाट, डिंडौरी, सिवनी जिले के विधायकों और इन जिलों सहित छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के क्षेत्रीय प्रतिनिधियों द्वारा जिला मुख्यालय में आंदोलन कर झामसिंह धुर्वे के फर्जी एनकाउंटर मामले में ज्ञापन सौंपा गया। आदिवासी समुदाय ने जिला प्रशासन को चेताया है कि आदिवासियों पर हुये अत्याचार के तमाम मामलों की न्यायिक जांच कराई जाए। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in