जिस जिले में खाद की फैक्ट्री वहां के किसान खाद के लिए परेशान
जिस जिले में खाद की फैक्ट्री वहां के किसान खाद के लिए परेशान
मध्य-प्रदेश

जिस जिले में खाद की फैक्ट्री वहां के किसान खाद के लिए परेशान

news

गुना 15 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के अन्नदाता की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अभी किसान खरीफ फसल में हुए नुकसान से अपने आपको ऊबार भी नहीं पाया था कि अब उसे रबी सीजन की फसल के लिए खाद खरीदने के लिए कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। क्योंकि प्रशासन की खाद वितरण व्यवस्था में कई तरह की खामियां हैं। जैसे कि प्रशासन ने जिला मुख्यालय सहित अंचल में जितने भी खाद वितरण केंद्र बनाए हैं, उन सभी पर नियमित रूप से खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। क्योंकि प्रशासन द्वारा इन वितरण केंद्रों पर्याप्त खाद का आवंटन ही नहीं कराया है। यह हकीकत स्थानीय ग्रामीण खुद बयां कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को एमपी एग्रो गोदाम से खाद का वितरण नहीं हुआ। जिसके कारण नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी स्थित डबल लॉक गोदाम पर खाद वितरण होने से किसानों की बहुत लंबी लाइन लगी हुई थी। इस असुविधा से बचने अधिकांश किसान निजी खाद विक्रेताओं पर भी गए। लेकिन इनमें से कई पर खाद ही उपलब्ध नहीं था। जबकि कुछ बड़े डीलरों की दुकान के बाहर किसानों की सुबह से ही लंबी लंबी कतारें लगी हुई थीं। किसानों ने बताया कि यहां पीओएस मशीन से खाद का वितरण होना है लेकिन उसमें सर्वर ही नहीं आ रहा है। जिसके कारण वे कई घंटों से लाइन में भूखे प्यासे खड़े हैं। स्थिति यह है कि वह चाहकर भी लाइन से हटकर पानी पीने तक नहीं जा रहे हैं। कार्रवाई दुकानदारों पर, खामियाजा भुगत रहे किसान गुना जिले में खाद बनाने की फैक्ट्री है इसके बावजूद यहां के किसान हर साल की तरह इस बार भी खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। किसानों की यह परेशानी प्रशासन के कुप्रबंधन ने और बढ़ा दी है। क्योंकि प्रशासन ने शुरूआत में खाद वितरण की जो व्यवस्था रखी थी उसके अनुसार निजी दुकानदारों को ज्यादा मात्रा में खाद का आवंटन किया, जिसका फायदा उठाते हुए दुकानदारों ने प्रशासन की निर्धारित गाइड लाइन से ज्यादा खाद बांट दिया। इसकी पुष्टि हाल ही में कलेक्टर द्वारा करवाई गई जांच में सामने आ चुका है। जिसके बाद कलेक्टर ने 7 निजी खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए। जिससे निजी खाद विक्रेताओं की संख्या हो गई। वहीं सरकारी गोदाम से खाद का वितरण नियमित न होने से शेष बचे निजी दुकानों पर किसानों की ज्यादा भीड़ लगने लगी है। इनका कहना मैं खाद लेने पहले एमपी एग्रो गोदाम पर गया तो पता चला कि यहां खाद नहीं है। मंडी में देखा तो बहुत लंबी लाइन लगी थी। जहां नंबर आने में ही शाम हो जाएगी। पुरानी गल्ला मंडी की निजी दुकान पर आकर लाइन में लगा तो पता चला कि पीओएस मशीन में सर्वर नहींं है। ऐसे में सुबह से बिना खाना और पानी के ही लाइन में लगे रहना पड़ रहा है। -रामअवतार, किसान अभी एमपी एग्रो गोदाम पर खाद नहीं है। इसलिए वहां से अभी वितरण बंद है। जब दो तीन ट्रक खाद स्टॉक में हो जाएगा तब ही वितरण चालू किया जाएगा। जहां तक नानाखेड़ी मंडी के गोदाम और पुरानी गल्ला मंडी निजी दुकान पर किसानों की लंबी लगने की बात है तो यहां बेवजह किसान खड़ा हुआ है। क्योंकि अभी रबी सीजन की फसल में बहुत समय है। खाद की कोई कमी नहीं है वह फिर कभी भी खाद ले सकता है। -अशोक उपाध्याय, उपसंचालक कृषि हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक / उमेद-hindusthansamachar.in