जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल के खिलाफ पांच हजार के जमानती वारंट के आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल के खिलाफ पांच हजार के जमानती वारंट के आदेश
मध्य-प्रदेश

जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल के खिलाफ पांच हजार के जमानती वारंट के आदेश

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भोपाल, 10 सितम्बर (हि.स.)। मप्र मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन द्वारा आयोग में प्रचलित प्रकरण क्र. 1563/भोपाल/2018 में सात सूचना/स्मरण पत्र देने के बावजूद अब तक प्रतिवेदन न भेजने पर जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल नितिन सक्सेना को 5 अक्टूबर 2020 को आयोग के समक्ष व्यक्तिशः उपस्थित होने के लिये 5 हजार रुपये का जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिये हैं। व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति न देने पर जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध आयोग द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की जायेगी। जमानती वारंट पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भोपाल के माध्यम से दिया जायेगा। मानव अधिकार आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आयोग द्वारा 18 जुलाई 2018 को भोपाल के एक दैनिक अखबार में प्रकाशित खबर ’’स्कूल संचालक ने काटे छात्र के बाल’’ पर संज्ञान लिया था। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल को कुल सात सूचना/स्मरण पत्र भेजकर प्रतिवेदन देने के लिये कहा गया था। अंतिम पत्र में 4 सितम्बर 2020 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का सूचना पत्र भी जारी किया गया था। किंतु जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल की ओर से न तो प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया और न ही वे 4 सितम्बर को आयोग के समक्ष उपस्थित हुये। इस पर आयोग द्वारा अब मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 सहपठित धारा 29 एवं व्यवहार प्रकिया संहिता की धारा 32 के तहत जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल नितिन सक्सेना को 5 अक्टूबर 2020 को आयोग के समक्ष व्यक्तिशः उपस्थित होने के लिये 5 हजार रुपये का जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिये हैं। व्यक्तिगत रूप से उपस्थिति न देने पर जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध आयोग द्वारा एकपक्षीय कार्यवाही की जायेगी। जमानती वारंट पुलिस अधीक्षक मुख्यालय भोपाल के माध्यम से देने के लिये आयोग द्वारा पत्र भी जारी कर दिया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in