घायल बेजुबानों की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे धेनु सेवा संस्थान के लोग
घायल बेजुबानों की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे धेनु सेवा संस्थान के लोग
मध्य-प्रदेश

घायल बेजुबानों की नि:स्वार्थ सेवा कर रहे धेनु सेवा संस्थान के लोग

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अनूपपुर, 03 सितम्बर (हि.स.)। स्वार्थ से भरी दुनिया में जब लोग किसी की बेवजह सहायता करना पसंद नहीं करते ऐसे वक्त में नि: स्वार्थ समाजसेवा करते लोगों को जुनून की हद तक कार्य करते देखना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। विगत दिवस अनूपपुर के इंदिरा चौक तथा सोन पुल के समीप दो अलग अलग हादसों में दो गायों को गंभीर चोट से घायल हो गई। जिला मुख्यालय होने के बावजूद वेटनरी विभाग की पशु एंबुलेंस सूचना देने पर भी नहीं आई। तब कुछ जागरूक लोगों ने शहडोल के धेनु सेवा संस्थान से संपर्क किया। संस्थान से जुड़े डा.अरुण मिश्रा एवं सहयोगियों के माध्याम से गायों का इलाज करवाया। जिले व आसपास हाईवे या अन्य मार्गों पर वाहनों से टकरा कर या कुचल कर गाय,बैल, बछड़ों के मरने, उनके बुरी तरह घायल होने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सरकारी अमला ऐसे मामलो मे आंख - कान बन्द किये रहता है। पशु एंबुलेंस डाक्टरों के घरों की शोभा बढ़ा रहे है। ऐसे में बेजुबान जानवरों की पीड़ा को समझने का कार्य धेनु सेवा संस्थान से जुडे युवाओं तथा वरिष्ठ समाजसेवियों ने किया है। चारों पांव टूटी बछिया को भोजन कराने और बेड शोर से बचाने का उपाय का विषय हो या डाक्टर की मदद से किया गया, एक कठिन ऑपरेशन घायल गाय मां जिसके पेट में बच्चा था,उसे इलाज के दौरान प्रसव होने लगा। काफी मुश्किलों के बाद मृत बच्चे को बाहर निकाला गया। घायल जानवरों का इलाज अत्यंत कठिन तथा श्रमसाध्य होता है। जिसमे बेजुबानों से अपनी रक्षा करते हुए उनका सही इलाज करना होता है। एक एक्सीडेंट के कारण गाय का कूल्हा डिसलोकेट हो जाने के बाद टीम ने गाय के देसी उपचार के लिये गांव के बुजुर्ग शरमन काका की मदद ली। घंटों मशक्कत के बाद गाय का कूल्हा सेट हो पाया। दुर्घटना में दो पांव खो चुके नंदी की ड्रेसिंग करना हो या उसके ठीक हो जाने पर आर्टीफिशियल लेग्स की व्यवस्था का कार्य सब कुछ कर्तव्य भाव से कर रहे हैं। इस कार्य में लगे युवा आनंद मिश्रा,संतोष शुक्ला,सरिता बहन,ऋषि त्रिपाठी अहिमर्दन द्विवेदी, विनय पाण्डेय, वसुराज, अमन, श्रेष्ठा, शौर्य, शुभ, सुबोध, शिवी, वासु शुक्ला, यदु वासुदेव ,आव्या की टीम प्रतिदिन घायल गाय, बैल, कुत्ते, घोड़े के बच्चों की इलाज में जुटे देखा जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला-hindusthansamachar.in