खंडवा: मास्क नहीं पहनने,  दो गज की दूरी का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्यवाही
खंडवा: मास्क नहीं पहनने, दो गज की दूरी का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्यवाही
मध्य-प्रदेश

खंडवा: मास्क नहीं पहनने, दो गज की दूरी का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्यवाही

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खण्डवा, 22 नवम्बर (हि.स.)। जिले में कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए जरूरी है कि सभी लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क अवश्य पहने तथा सार्वजनिक स्थलों पर दो गज की दूरी के नियमों का पालन करें। ऐसा न करने वालों पर कार्यवाही की जायेगी। इस संबंध में रविवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में क्षेत्रीय सांसद नंदकुमार सिंह चौहान, विधायक देवेन्द्र वर्मा, कलेक्टर अनय द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, अपर कलेक्टर नंदा भलावे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार के अलावा जिला भाजपा अध्यक्ष सेवादास पटेल, हरिश कोटवाले सहित विभिन्न अधिकारी, जनप्रतिनिधि, व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि व निजी नर्सिंग होम संचालक भी मौजूद थे। बैठक में सांसद चौहान ने कहा कि शहरी क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए जरूरी है कि लोगों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के संबंध में किया जाये। शहरी क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता का संदेश प्रसारित किये जाएं। उन्होंने बैठक में कहा कि खण्डवा जिला अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार की व्यवस्थाएं सराहनीय रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने लिए केवल संक्रमित व्यक्ति के घर को ही कन्टेन्मेंट क्षेत्र बनाया जायें, किसी पूरी गली या मोहल्ले को प्रतिबंधित न किया जायें। विधायक वर्मा ने बैठक में कहा कि सब्जी मण्डी, अनाज मण्डी, धार्मिक स्थलों पर मास्क लगाने वालों को ही प्रवेश दिया जाना चाहिए और उनके संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों का पालन भी करना चाहिए। कलेक्टर द्विवेदी ने बैठक में बताया कि नगर निगम खण्डवा द्वारा ऑटो रिक्शा में ध्वनि यंत्रों के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों से मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की जा रही है। कोरोना के उपचार के लिए शासन स्तर से ही निजी अस्पतालों से अधिकृत किया गया है, जिसमें खण्डवा जिले का कोई निजी अस्पताल शामिल नहीं है। उन्होंने बैठक में उपस्थित निजी नर्सिंग होम के प्रतिनिधियों से कहा कि वे कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को अपने नर्सिंग होम में भर्ती कर उपचार न करें, बल्कि उन्हें जिला अस्पताल के लिए रैफर करें, ताकि उनका बेहतर उपचार किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामलें में उपचार में देरी मरीज के लिए घातक हो सकती है, इसलिए जरूरी है कि मरीज का सही समय पर उपचार प्रारंभ हो। उन्होंने बताया कि जिले में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों, बल्ड प्रेशर, हायपर टेंशन, जैसे रोगों से पीडि़त मरीजों को चिन्हित किया जा रहा है। ऐसे मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एएनएम व स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। इन सभी का दायित्व होगा कि वे अपने क्षेत्र के इन चिन्हित लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखें एवं इन लोगों को बुखार, जुकाम, खांसी जैसी समस्या आने पर उन्हें निकटतम सरकारी अस्पताल में भिजवा कर उपचार करायें। उन्होंने बताया कि मैरिज गार्डन संचालकों को निर्देश दिए गए है कि शादी समारोह में 200 से अधिक लोगों को शामिल होने की अनुमति न दी जायें। नागरिकों को पहले मास्क लगाने की समझाइश दी जायेगी, लेकिन समझाइश के बावजूद भी जो लोग नहीं मानेंगे उन पर जुर्माना लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले में आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं से ओंकारेश्वर न आने की अपील वहां के जिला प्रशासन के माध्यम से की जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश-hindusthansamachar.in