कोरोना ने बदला कामकाज का तरीका, बुकिंग क्लर्क काट रहे वाहनों की पर्चियां
कोरोना ने बदला कामकाज का तरीका, बुकिंग क्लर्क काट रहे वाहनों की पर्चियां
मध्य-प्रदेश

कोरोना ने बदला कामकाज का तरीका, बुकिंग क्लर्क काट रहे वाहनों की पर्चियां

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ग्वालियर, 16 सितम्बर (हि.स.)। कोरोना ने दफ्तरों में कामकाज का तरीका ही बदल दिया है। इसका नजारा ग्वालियर रेलवे स्टेशन की प्रीमियम कार पार्किंग में पहुंच कर देख सकते हैं। कोरोना काल से पहले रेल बुकिं ग विंडो पर बैठकर टिकट की बिक्री करने वाले बुकिंग क्लर्क कोरोना काल में जनरल टिकट की बिक्री बंद होने के कारण पार्किंग में पहुंचने वाले चार पहिया वाहनों की रसीद काट रहे हैं। दरअसल, कोरोना काल ने पूरे भारत में कामकाज करने का तौर तरीका ही बदलने को मजबूर कर दिया है। जो काम पहले व्यक्तिगत मौजूदगी में संभव थे, उन्हें वच्र्चुअल प्लेटफार्म पर शिफ्ट कर किया जा रहा है। वहीं दैनिक जीवन से जुड़े कई कामकाजों को पूरी तरह से बदल डाला है। इसी को देखते हुए रेलवे ने अपनी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। एक जून से सीमित संख्या में ट्रेनों का परिचालन शुरु करने के बाद घर में बैठे बुकिंग क्लर्क ों की ड्यूटी रेलवे ने प्रीमियम कार पार्र्किंग में लगाकर उनसे काम कराया जा रहा है। कल तक टिकट बांटते दिखने वाले रेलवे के ये बाबू हाथ में पर्ची लेकर पार्किंग में पहुंचने वाले चार पहिया वाहनों की रसीद काट रहे हैं। प्लेटफार्म पर दो पहिया वाहन स्टेशन के एक नंबर सर्कुलेटिंग एरिया में दो पहिया वाहन पार्किंग तो संचालित हो रही है लेकिन यात्रियों के साथ आने वाले परिजन वाहन के साथ सर्कुलेटिंग एरिया में नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में दो पहिया वाहन पार्किंग दिन में ही संचालित हो रही है। वहीं रात में रेलवे कर्मचारियों के साथ ही जीआरपी व अन्य रेलवे का स्टॉफ जिसकी ड्यूटी रात में है, उनके वाहन प्लेटफार्म के अंदर खड़े हुए देख सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार / श्याम / मुकेश-hindusthansamachar.in