कोरोना काल में हॉस्पिटल कर्मचारी भी बरत रहे लापरवाही
कोरोना काल में हॉस्पिटल कर्मचारी भी बरत रहे लापरवाही
मध्य-प्रदेश

कोरोना काल में हॉस्पिटल कर्मचारी भी बरत रहे लापरवाही

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उज्जैन, 17 सितम्बर (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी हॉस्पिटल कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसा ही मामला उज्जैन में देखने को मिला। जहां आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज परिसर में एक हादसा होते-होते बच गया। जे के नर्सिंग होम से गार्डी मेडिकल कॉलेज में ले जाई जा रही कोरोना संदिग्ध वृद्धा को जिस एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था,उसकी ऑक्सीजन कॉलेज परिसर में पहुंचने के बाद खत्म हो गई। जब वृद्धा को घबराहट बढऩे लगी और एम्बुलेंस ड्राइवर चिल्लाया कि ऑक्सीजन लाओ, तब मेडिकल कॉलेज के एक वार्ड ब्वॉय ने सुझबूझ दिखाई और दौड़कर सिलेण्डर लाया तथा एम्बुलेंस में ही लगाया। इसके बाद वृद्धा को कुछ समय एम्बुलेंस में ही ऑक्सीजन दी गई। मेडिकल कॉलेज की यह गलती रही कि कम्युनिकेशन सही नहीं होने के कारण वहां महिला को भर्ती करने से इंकार कर दिया गया। इसी कारण से वृद्धा को एम्बुलेंस में ही रखा गया और ऑक्सीजन खत्म हो गई। जे के हॉस्पिटल में सर्दी-खांसी-बुखार होने पर एक वृद्धा को भर्ती करवाया गया। जब तबियत ठीक नहीं हुई तो डॉक्टर्स ने कहाकि कोरोना संदिग्ध मामला लगता है,जांच करवाते हैं। साथ ही कोरोना होने पर उपचार के लिए लगने वाला खर्च भी बताया। खर्चा सुनकर परिजन बोले कि हम इतना खर्चा नहीं उठा पाएंगे। सरकारी अस्पताल भेज दो,वहां उपचार करवा लेंगे। इस पर जे के हॉस्पिटल से एम्बुलेंस में वृद्धा को आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां पहुंचने पर कॉलेज के उपलब्ध जिम्मेदार ने कहाकि हम मरीज को नहीं लेंगे। आप अमलतास ले जाओ। कहा गया कि सीएमएचओ ने स्वयं फोन किया है और कहा है कि मेडिकल कॉलेज पहुंचो,तो आप उनसे पूछो। हमें क्यों वापस भेज रहे हो। हम मरीज को कहां ले जाएं? इस आपाधापी में 20 से 25 मिनिट निकल गए। इस बीच सिलेण्डर में ऑक्सीजन खत्म हो गई ओर वृद्धा की हालत बिगडऩे लगी। जब एम्बुलेंस का ड्रायव्हर चिल्लाया तो भागदौड़ मची। मेडिकल कॉलेज का एक वार्ड ब्वाय तत्काल ऑक्सीजन का सिलेण्डर लेकर आया और एम्बुलेंस में ही सिलेण्डर को बदला। पुन: ऑक्सीजन सप्लाय होने पर महिला की हालत सुधरी, हालांकि बाद में महिला को हाई फ्लो ऑक्सीजन पर रखा गया। हिन्दुस्थान समाचार/ललित/राजू-hindusthansamachar.in