कमलनाथ ने गरीबों की नहीं, हीरो-हीराइनों की चिंता की: डाॅ नरोत्तम मिश्रा
कमलनाथ ने गरीबों की नहीं, हीरो-हीराइनों की चिंता की: डाॅ नरोत्तम मिश्रा
मध्य-प्रदेश

कमलनाथ ने गरीबों की नहीं, हीरो-हीराइनों की चिंता की: डाॅ नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल, 18 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को प्रदेश की गरीब जनता से कोई सरोकार नहीं था। उन्होंने कभी प्रदेश के लोगों की चिंता नहीं कीं। उन्हें तो मुंबई के हीरो-हीराइनों की ज्यादा चिंता थी। उन्हें तो उनके साथ खड़े होकर फोटो खिंचवाना ही अच्छा लगता है। वे क्या किसी गरीब, किसान का भला करेंगे। ये बातें प्रदेश के गृह मंत्री डाॅ नरोत्तम मिश्रा ने कही। वे रविवार को डबरा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी एवं मंत्री इमरती देवी के समर्थन में आयोजित जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। गृह मंत्री डाॅ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह उपचुनाव संपूर्ण प्रदेश के विकास के लिए हो रहे हैं। यह उपचुनाव सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि सरकार चलाने का उपचुनाव है। प्रदेश के विकास का उपचुनाव है। अभी प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और सरकार को बचाए रखने के लिए भाजपा प्रत्याशी को चुनाव जिताना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा 2018 में प्रदेश की जनता को झूठे वचन देकर कुर्सी हथिया ली, लेकिन कमलनाथ तो 15 माह तक सिर्फ ट्रांसफर उद्योग ही चलाने में लगे रहे। सरकार चलाना उनके वश की बात नहीं थी। अब कांग्रेस को वोट देकर विधायक चुनना है और भाजपा को वोट देकर मंत्री चुनना है। यहां तो तबादला उद्योग जमकर चला गृह मंत्री ने कहा कि कमलनाथ ने धोखे से प्रदेश में सरकार बनाई तो प्रदेश की जनता ने सोचा प्रदेश में कोई उद्योग-धंघे स्थापित होंगे। इनमें युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन दुर्भाग्य से प्रदेश में उद्योग तो नहीं लगे परंतु ट्रांसफर उद्योग जमकर चला। जब तक कमलनाथ मुख्यमंत्री रहे हर दिन तबादला आदेश जारी हुए। रविवार के दिन भी मंत्रालय खुलवाकर अधिकारियों के तबादले करते रहे। इन्होंने 15 माह तक वल्लभ भवन में बैठकर दलालों को संरक्षण दिया और विकास एवं भाजपा सरकार की योजनाओं को बंद करके मजे लूटे। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in