ऑन लाइन विज्ञप्ति के मामले में संजय दोषी, निन्दा की सजा
ऑन लाइन विज्ञप्ति के मामले में संजय दोषी, निन्दा की सजा
मध्य-प्रदेश

ऑन लाइन विज्ञप्ति के मामले में संजय दोषी, निन्दा की सजा

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गुना, 23 जुलाई (हि.स.)। नगर पालिका में सीएमओ के पद पर कार्यरत संजय श्रीवास्तव पर कोई न कोई आरोप लग रहे हैं जिनकी जांच में वे दोषी पाए जा रहे हैं। बीते रोज अपनी खेती की जमीन पर नगर पालिका की जेसीबी चलवाए जाने को लेकर हुई जांच में वे दोषी पाए गए हैं, जिसको कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है। इसी बीच नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को हुई नगरीय क्षेत्र के तीन वार्डों के निर्माण कार्यों के टेण्डर आदि को लेकर एक शिकायत की रिपोर्ट बाहर आ गई है जिसमें उनको दोषी मानकर निन्दा की सजा अधिरोपित की है। इसकी शिकायत नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा ने की थी। ये है मामला नगर पालिका परिषद गुना के वार्ड क्रमांक 17,18, 33 में सीसी रोड एवं नाली निर्माण के कार्य किए जाने हेतु ऑन लाइन निविदा विज्ञप्ति जारी किए जाने के बाददो टेण्डरों में से शर्मा कन्स्ट्रक्शन की दर 19.250 प्रतिशत कम एसओआर रही, किन्तु निविदा विज्ञप्ति प्रकाशन की अवधि 30 दिवस से कम होने से निरस्त की गई। द्वितीय आमंत्रण के लिए 15 दिवस की निविदा विज्ञप्ति जारी की गई। द्वितीय आमंत्रण मे 15 दिवस का समय दिया गया। इन विज्ञप्तियों के जारी करने में निविदा आमंत्रण का पालन नहीं किया गया था। इसको लेकर सीएमओ संजय श्रीवास्तव का कृत्य नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 92 एवं मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत पाया गया। सलूजा ने की थी शिकायत नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा ने सीएमओ संजय श्रीवास्तव की इस मामले को लेकर एक शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की थी, जिस पर नगरीय प्रशासन विभाग ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास ग्वालियर से जांच कराई गई। यह जांच प्रतिवेदन भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुख्यालय पर पहुंच गया।जिसके आधार पर सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसका जवाब सीएमओ ने दिया, लेकिन उसके जवाब से मुख्यालय संतुष्ट नहीं हुआ। यह है आदेश में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मप्र की अपर आयुक्त मीनाक्षी सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि नगर पालिका गुना के सीएमओ संजय श्रीवास्तव ने द्वितीय निविदा आमंत्रण में तो नियमों का पालन किया है लेकिन प्रथम निविदा आमंत्रण में नियमों का पालन नहीं किया है इसके लिए उत्तरदायी श्रीवास्तव हैं। इस अनियमितता के लिए उनको दाषी माना और इनके खिलाफ निन्दा की शास्ति अधिरोपित करते हुए प्रकरण का निराकरण किया। इस मामले में सीएमओ संजय श्रीवास्तव को मोबाइल लगाया तो उनका मोबाइल आउट ऑफ कवरेज आता रहा। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in