एकल आचार्य शिक्षा का प्रचार करें : रघुवंशी
एकल आचार्य शिक्षा का प्रचार करें : रघुवंशी
मध्य-प्रदेश

एकल आचार्य शिक्षा का प्रचार करें : रघुवंशी

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एकल आचार्य शिक्षा का प्रचार करें : रघुवंशी गुना 22 नवंबर (हि.स.)। हिन्दू संस्कृति में गाय का विशेष स्थान हैं। माँ का दर्जा दिया जाता हैं। जैसे एक माँ का ह्रदय कोमल होता हैं, वैसा ही गाय माता का होता हैं। जैसे एक माँ अपने बच्चो को हर स्थिति में सुख देती हैं, वैसे ही गाय भी मनुष्य जाति को लाभ प्रदान करती हैं। उक्त विचार गोपाष्टमी के अवसर पर रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक परमाल सिंह रघुवंशी ने व्यक्त किए। रघुवंशी एकल अभियान अंचल द्वारा भगवान बिरसा मुंडा जयंती समारोह एवं पांच दिवसीय आचार्य वार्षिक क्षमता विकास वर्ग के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर गौ माता की पूजन कर उनके महत्व को बताया गया। रघुवंशी ने कहा कि एकल आचार्य इन पांच दिनों में प्रशिक्षित होकर अपने व्यक्तित्व का विकास करते हुए गांव-गांव जाकर शिक्षा की अलख जगाएं। बिरसा मुंडा जयंती समारोह मना एकल वन यात्रा प्रभारी विकास जैन नखराली ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर केंट में माँ सरस्वती जी एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। इस मौके पर एकल अध्यक्ष बंन्देल सिंह यादव, सचिव महेश सिंह सोलंकी, शिक्षा समिति अध्यक्ष महेंद्र सिंह संधू, हरिकथा अध्यक्ष नवल सोनी, सचिव अनसुईया रघुवंशी, महिला समिति अध्यक्ष आभा सक्सेना, एकल अभियान प्रमुख पप्पू सिंह मंचासीन रहे। पांच दिवसीय विकास दक्षता वर्ग में आचार्य को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर भगवान बिरसा मुंडा जयंती समारोह मनाया गया। साथ ही मंचासीन अथितियों द्वारा बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डाला गया। वर्ग में गुना, अशोकनगर एवं राजगढ़ जिले से एकल अभियान के 14 संचो से आचार्य एवं दीदियों ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन पप्पू सिंह ने किया एवं आभार आशा रघुवंशी ने माना इस अवसर पर धन सिंह नायक, रामप्रसाद अहिरवार, विजय सिंह सहरिया, ब्रजेश शर्मा आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक-hindusthansamachar.in