उद्योगपति कमलनाथ बताएं, क्यों रोका था गरीब आदिवासी महिलाओं का पैसाः विष्णुदत्त शर्मा
उद्योगपति कमलनाथ बताएं, क्यों रोका था गरीब आदिवासी महिलाओं का पैसाः विष्णुदत्त शर्मा
मध्य-प्रदेश

उद्योगपति कमलनाथ बताएं, क्यों रोका था गरीब आदिवासी महिलाओं का पैसाः विष्णुदत्त शर्मा

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भोपाल, 14 अक्टूबर (हि.स.)। गरीब सहरिया, बैगा, भारिया आदिवासी महिलाओं के जिस कष्ट ने गरीब किसान के बेटे शिवराजसिंह चौहान को व्यथित कर दिया था, वो कष्ट उद्योगपति कमलनाथ को क्यों दिखाई नहीं दिया? क्या उद्योगपति कमलनाथ यह नहीं चाहते थे कि इन आदिवासी महिलाओं में व्याप्त कुपोषण की समस्या दूर हो? अगर ऐसा नहीं है, तो कमलनाथ को प्रदेश की जनता और आदिवासी समुदाय को इस बात का जवाब देना चाहिए कि उन्होंने सहरिया, बैगा, भारिया महिलाओं को पोषण भत्ते के रूप में दी जाने वाली 1000 रुपये की राशि क्यों रोक ली थी? यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से सवाल करते हुए कही। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के संवेदनशील मुख्यमंत्री जिन्हें कांग्रेस के लोग ‘भूखे-नंगे’ कहते हैं, उन्होंने सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों की महिलाओं को पोषण भत्ते के रूप में प्रतिमाह 1000 रुपये देना शुरू किया था। लेकिन देश के नं.2 उद्योगपति कमलनाथ जी ने मुख्यमंत्री बनते ही इन महिलाओं को मिलने वाला भत्ता बंद कर दिया। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोग ‘भूखे-नंगे’ कहकर गरीबों का सिर्फ अपमान ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि ये तो उनकी जिंदगी से भी खेलते रहे हैं। शर्मा ने पूछा कि क्या कमलनाथ और कांग्रेस के लोग यह नहीं चाहते थे कि इन जनजातीय समुदायों में मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी आए? क्या वे नहीं चाहते थे कि इन समुदायों की महिलाएं और बच्चे स्वस्थ रहें और अपने परिवार तथा समाज को रोगमुक्त बनाने में योगदान दें? शर्मा ने कहा कि ऐसे उद्योगपति से तो ‘भूखे-नंगे’ होना ही अच्छा है, क्योंकि हमारे मुख्यमंत्री ने न सिर्फ इन समुदायों की दो लाख महिलाओं को भत्ता देना शुरू किया, बल्कि उस समय का बाकी पैसा भी दे रहे हैं, जब प्रदेश में एक उद्योगपति की सरकार थी। हिन्दुस्थान समाचार/केशव दुबे-hindusthansamachar.in