उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने व अमानक खाद-बीज बेचने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने व अमानक खाद-बीज बेचने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
मध्य-प्रदेश

उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने व अमानक खाद-बीज बेचने वालों पर कार्रवाई के निर्देश

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शहडोल, 18 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त केके सिंह ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से शहडोल एवं रीवा संभाग के कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, सहकारिता विभाग, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभा की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी फसलों का रकवा बढ़ाने और अमानक खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये। बैठक में शहडोल कमिश्नर नरेश पाल, कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ पार्थ जायसवाल, संयुक्त संचालक कृषि जेएस पेन्द्राम, उपायुक्त सहकारिता शकुन्तला ठाकुर, उप संचालक मत्स्य उद्योग संतोष चौधरी, सहायक संचालक उद्यान मदन सिंह परस्ते सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि उत्पाद आयुक्त ने बैठक में निर्देश दिए कि संभाग में उद्यानिकी फसलों का रकवा बढाने के प्रयास किये जाएं। संभाग में उद्यानिकी फसलों की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मनरेगा के माध्यम से कंजर्वेशन कर पौधों की नर्सरी तैयार की जाएं तथा पौधरोपण कार्य को प्राथमिकता दी जाएं। किसानों को उद्यानिकी फसलें लगाने के लिये प्रोत्साहित किया जाएं। फलोद्यान की गतिविधियों को बढाएं, साथ ही आर्गेनिक कोदो, कुटकी के उत्पादन के लिये किसानो को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त ने रबी सीजन में किसानों को खाद, बीज की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद की बिक्री फौग मशीनों के माध्यम से ही किया जाए। धान कटाई के बाद नरवाई जलने की प्रथा को बंद कराया जाएं तथा इस संबंध में रीवा एवं शहडोल संभाग में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जाए। कृषि उत्पादन आयुक्त केके सिंह ने कहा कि रीवा तथा शहडोल संभाग में पशु पालन एवं डेयरी विकास की काफी संभावनाएं है, संभाग के सभी पशुओं की टैगिंग एवं टीका करण कराकर शत प्रतिशत आनलाईन जानकारी दर्ज करें, दुधारू पशुओं के नस्ल, मिल्क रूट एवं दुग्ध सहकारी समिति बनाने पर विशेष ध्यान देकर दुग्ध का संकलन और वितरण बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में गोबर तथा गोमूत्र से विभिन्न उत्पाद तैयार कर उनकी बिक्री से गौशाला को अतिरिक्त आय हो सकती है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि एक जिला एक फसल योजना के तहत रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों के लिये फसलें निर्धारित कर दी गई है। इन फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिये प्रयास करें। उद्यानिकी फसलों, मसालों तथा फूलो की खेती से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। उन्होंने रीवा, सिगरौली तथा अनूपपुर में मशरूम उत्पादन के सफल प्रयासों की सराहना की। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश/राजू-hindusthansamachar.in