उज्जैन की केंद्रीय भैरवगढ़ जेल जूझ रही अधिकारियों की कमी से
उज्जैन की केंद्रीय भैरवगढ़ जेल जूझ रही अधिकारियों की कमी से
मध्य-प्रदेश

उज्जैन की केंद्रीय भैरवगढ़ जेल जूझ रही अधिकारियों की कमी से

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उज्जैन, 05 नवम्बर (हि.स.)। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ इन दिनों अधिकारियों की कमी से जूझ रही है। क्षमता से अधिक कैदी होने के बाद भी तय मापदण्ड से कम अधिकारियों के होने के कारण जेल में आम दिनों की व्यवस्थाओं और मानीटरिंग पर असर दिखाई दे रहा है। तीन दिन पूर्व हुए आत्महत्या के घटनाक्रम के बाद जेल अधीक्षक ने डीजी जेल को अमले की समस्या बताई, जिस पर उन्होंने शीघ्र ही नए अधिकारी भेजने का आश्वासन दिया है। जेल अधीक्षक अलका सोनकर के अनुसार जेल में 3 जेलर एवं 9 डिप्टी जेलर के पद हैं। इनमें से केवल 1 जेलर एवं 3 डिप्टी जेलर ही वर्तमान में कार्यरत है। जेल में इस समय 2 जेलर एवं 6 डिप्टी जेलर की आवश्यकता है, अभाव में रूटिन का कामकाज अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि जेल की कुल क्षमता 1260 बंदियों की है, जबकि इस समय जेल में 2100 बंदी है। इस मामले में डीजी जेल को अवगत करवाया गया है। उन्होने शिघ्र ही अधिकारियों की पदस्थी करने का आश्वासन दिया है। प्रहरियों की संख्या भी है कम अलका सोनकर ने बताया कि प्रहरियों की संख्या भी कम है। कम संख्या में काम चलाने के दौरान प्रहरियों के प्रशिक्षण भी चलते हैं। वहीं 10 प्रहरी इस समय एम व्हाय हॉस्पिटल,इंदौर में बंदियों के उपचार के चलते तैनात है। यही कारण है कि जेल परिसर में अमले की कमी से जेल प्रशासन को जूझना पड़ रहा है। वॉच टॉवर के दरवाजे बंद... जेल में तीन दिन पूर्व हुई आत्महत्या की घटना के बाद वॉच टॉवर तक पहुंचने वाले दरवाजों को बंद करवा दिया गया है। जब प्रहरी उपर होंगे तो अंदर से दरवाजा बंद करेंगे। इसी प्रकार जेल में सीसीटीवी केमरों की संख्या बढ़वा दी गई है। जहां केमरे नहीं लगे थे,वहां लगवाए जा रहे हैं। इस बार दीपावली पर नहीं हो पाएगी सफाई-पुताई दीपावली के पूर्व हर वर्ष जेल में बेरकों से लेकर बाहर तक की रंगाई-पुताई-सफाई होती थी। इस वर्ष कोरोना के चलते 800 कैदी पैरोल पर है। ये वे कैदी हैं जोकि ट्रेंड होते हैं और जिनसे काम लिया जाता है। इसके चलते अब जो कैदी है, उनसे कहा गया है कि वे अपने हाथ जिस उंचाई तक जाते हैं,वहां तक की दीवारें आदि तो साफ कर ही लें। लोक निर्माण विभाग को इस संबंध में पत्र लिखा था, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। हिन्दुस्थान समाचार/ललित/राजू-hindusthansamachar.in