इंदौर में अरविंदो अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किये गये 49 मरीज
इंदौर में अरविंदो अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किये गये 49 मरीज
मध्य-प्रदेश

इंदौर में अरविंदो अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किये गये 49 मरीज

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इंदौर, 12 सितम्बर (हि.स.)। इंदौर में शासकीय तथा अशासकीय अस्पतालों में इलाज के लिये किये गये बेहतर इंतजाम के परिणाम मिल रहे हैं। प्रतिदिन कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को यहां अरविंदो अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद 49 मरीज डिस्चार्ज किये गये। मरीजों द्वारा शासन द्वारा की गयी बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं और अन्य इंतजामों की सराहना की। उन्होंने शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया। डिस्चार्ज हुए मरीजों में कोरोना को परास्त करने की आपार खुशी देखते ही बन रही थी। वे एक विजयी योद्धा के समान अस्पताल से घर की और रवाना हुये। उन्होंने कृतज्ञता के साथ डाक्टरों, नर्सों सहित अन्य स्टॉफ को धन्यवाद दिया। अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें स्वस्थ जीवन और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ विदाई दी। डिस्चार्ज हुये मरीजों में नीमच, मंदसौर, धार, अलिराजपुर, उज्जैन, खण्डवा, रतलाम आदि जिलों के भी मरीज शामिल है। लक्षण दिखाई देने पर कोरोना की करायें तुरंत जॉच, विलंब हो सकता है जानलेवा इंदौर जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुये नागरिकों को सलाह दी गई है कि, वे सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत आदि लक्षण होने पर तुरंत फीवर क्लीनिक पहुंचकर चिकित्सक को दिखायें। आवश्यक होने पर कोरोना की जॉच करवायें। कोरोना के संबंध में विलंब जानलेवा हो सकता है। नागरिकों से यह आग्रह किया गया है कि वे मॉस्क पहने, सेनेटाईजर का उपयोग करें, सोशल डिस्टेसिंग अपनायें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार नागरिकों को सतर्क और सजग रहने की सलाह दी जा रही है। कहा गया है कि आमजन को अत्यधिक सतर्कता और सजगता के साथ सामाजिक दूरी, मास्क तथा सेनेटाईजर (S.M.S.) का प्रयोग करते हुए अपने आप का बचाव करना है, जब तक जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें। प्रायः यह देखा जाता है, कि लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने की प्रवृत्ति घातक है। ऐसे लोग जो सर्दी-खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, मधुमेह, उच्च रक्तचाप गंभीर श्वसन तंत्र की बीमारी (COPD), गर्भवती महिलाएं, अस्थमा, हृदयरोगी, टी.बी., कैंसर, किडनी से संबंधित बीमारी होने पर उच्च जोखिम की संभावना अत्यधिक होती है। लक्षण प्रकट होने पर बिना किसी डर के तुरंत फीवर क्लीनिक में चिकित्सक से अपना परीक्षण अवश्य करवाएं, विलंब के कारण स्थिति जटिल होती जाती है और कई बार यह व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनती। प्रारंभिक लक्षण दिखते ही बुजुर्ग एवं उच्च जोखिम वाले व्यक्ति तुरंत चिन्हित फीवर क्लीनिक में अपना इलाज करवाएं, यह त्वरित निर्णय उनकी जान के जोखिम को कम करता है और कई बार यह जीवनदायक होता है। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश-hindusthansamachar.in