अपडेट.. उज्जैन के जहरीली शराब मामले में एसआईटी की जांच शुरू
अपडेट.. उज्जैन के जहरीली शराब मामले में एसआईटी की जांच शुरू
मध्य-प्रदेश

अपडेट.. उज्जैन के जहरीली शराब मामले में एसआईटी की जांच शुरू

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उज्जैन, 16 अक्टूबर (हि.स.)। उज्जैन में झिंझर के रूप में बेची जा रही जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतों के बाद भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी से जांच शुरू करवा दी है। गुरुवार की देर रात एसआईटी की टीम गृह विभाग के सचिव डॉ राजेश राजौरा की अगुवाई में उज्जैन पहुंची और शुक्रवार को सुबह होते ही टीम ने उन इलाक़ों का दौरा किया, जहां जहां झिंझर वाली शराब पीने से सबसे अधिक लोगों की मौत हुई। एसआईटी ने न केवल छत्री चौक बल्कि नगर निगम के खंडहर पड़े पुराने भवन, गोपाल मंदिर क्षेत्र महाकाल थाने के पीछे स्थित कहारवाडी एवं हरसिद्धि मंदिर के पीछे स्थित नृसिंह घाट इलाके का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोगों से पूछताछ की और नगर निगम के पुराने खंडहरों में किस तरह शराब माफिया नगर निगम के अस्थायी कर्मचारी से झिंझर और स्प्रिट से जहरीली शराब बनाते थे, उसके बारे में जानकारी इकट्ठा की। गृह विभाग के सचिव और एसआईटी प्रमुख डॉ राजेश राजौरा ने बताया कि जांच की जा रही है कि घटना क्यों हुई और घटना के पीछे कारण क्या है। साथ ही इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक एक्सप्रेस स्पीड के जारी किए गए लॉट को उपयोग करने पर भी रोक लगा दी गई है और संबंधित डीलरों को इस संबंध में सूचना भेजी जा रही है। बता दें कि झिंझर के रूप में उज्जैन में सस्ते दामों पर कथित शराब माफियाओं द्वारा बेची जा रही थी। इस जहरीली शराब को पीने से अभी तक 14 लोगों की मौत हुई है, लेकिन प्रशासन ने 12 मौतों की पुष्टि की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब को बेचने का कारोबार नगर निगम के अस्थाई कर्मचारी ही कर रहे थे, जिन्होंने नगर निगम के गोपाल मंदिर स्थित पुराने और खंडहर हो चुके भवन को स्प्रिट और झिंझर से जहरीली शराब बनाने का अड्डा बना रखा था और यहीं से इस शराब को मजदूरों और भिक्षावृत्ति करने वालों को सप्लाई करते थे। इसके लिए उन सभी ने पूरा नेटवर्क बिछा रखा था। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में नगर निगम के अस्थाई कर्मचारी सिकंदर हेला, युनुस, गब्बर को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ रासुका की कार्रवाई की है। मामले में उन सभी महिलाओं और पुरुषों को गिरफ्तार किया जा रहा है, जो मजदूरों के पीछे रहकर अवैध शराब बेचते थे। हिन्दुस्थान समाचार / गजेंद्र सिंह तोमर-hindusthansamachar.in