अनूपपुर विधानसभा उपचुनावः बिसाहूलाल के सामने कांग्रेस ने विश्वनाथ पर जताया भरोसा
अनूपपुर विधानसभा उपचुनावः बिसाहूलाल के सामने कांग्रेस ने विश्वनाथ पर जताया भरोसा
मध्य-प्रदेश

अनूपपुर विधानसभा उपचुनावः बिसाहूलाल के सामने कांग्रेस ने विश्वनाथ पर जताया भरोसा

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अनूपपुर, 13 सितम्बर (हि.स.)। अनूपपुर विधानसभा उपचुनाव की दुंदुभि बज चुकी है। दोनों प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा तथा कांग्रेस के उम्मीदवारों के चेहरे स्पष्ट हो चुके हैं। कमलनाथ सरकार को गिराने में सहायक बने बिसाहूलाल सिंह यहां भाजपा के उम्मीदवार होंगे, जबकि कांग्रेस ने अपने पुराने कार्यकर्ता जिला पंचायत सदस्य विश्वनाथ सिंह पर भरोसा जताया है। चाल-चरित्र, चेहरे पर भारी पार्टी के कुछ नेताओं के चाल, चरित्र ने विधानसभा चुनाव में भाजपा के चेहरे को खतरे में डाल दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गत सात सितम्बर को अनूपपुर आगमन के पहले तथा उसके बाद कुछ नेताओं की कुटिल चाल को प्रदेश भाजपा, स्वयं मुख्यमंत्री, कार्यकर्ताओं, मीडिया, राजनैतिक विश्लेषकों तथा प्रबुद्ध जनता ने भांप लिया है। बिसाहूलाल को भी यह अहसास हो गया है कि सुबह से देर रात तक उनके इर्द गिर्द घेरा बनाकर जमे रहने वाले कुछ नेताओं की खराब छवि उन पर भारी पड़ सकती है। ये नेता पूर्व विधायक तथा मंत्री के बीच गहरी खाई खोदने की साजिश पर काम कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष बिसाहूलाल को रामलाल से अलग रखकर चुनाव को अपने अनुकूल संचालित करना चाहते हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष के विरुद्ध अनुशासनहीनता मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से रौतेल को बाहर रखना इसी योजना का हिस्सा था। पूर्व विधायक भाजपा के मूल नेताओं तथा अपनी उपेक्षा से इतने नाराज थे कि कार्यकर्ताओं के बीच जा बैठे। यहाँ पार्टी में विरोधी खेमा बिसाहूलाल से अलग रखने में सफल तो रहा लेकिन कार्यकर्ताओं, जनता में नाराजगी फैल गई। पूर्व विधायक समर्थकों की बड़ी संख्या व कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज है। बिसाहूलाल से उन्हें अलग रखने में ही कुछ नेताओं का हित सध सकता है। किन्तु अनूपपुर विधानसभा उपचुनाव में बिसाहूलाल तथा रामलाल की एकजुटता से जीत आसान हो सकती है। भाजपा के अनुशासन तथा नैतिकता की तब धज्जियां उड़ीं जब मुख्यमंत्री के वापस जाते ही पूर्व नपा अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष के विरुद्ध पत्रकार वार्ता कर उन पर आरोपों की झड़ी लगा दी। जिलाध्यक्ष बचा लो या विधानसभा जिलाध्यक्ष के संदिग्ध आचरण, कार्यप्रणाली के विरुद्ध नौ मंडल अध्यक्षों ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है। इस मांग पर वे आज भी अड़े हुए हैं। दो महामंत्रियों ने शिकायत की है कि जिलाध्यक्ष तथा कोषाध्यक्ष ने चेक से भुगतान ना करके लाखों रुपये अपने नाम पर नकद निकाल कर वित्तीय अनियमितता की है। जिलाध्यक्ष पर तमाम अवैध कार्यों मे लिप्त होने, पार्टी में गुटबाजी को फूट की हद तक ले जाने, प्रदेश उपाध्यक्ष को निरन्तर अपमानित करने के संगीन आरोप हैं। 12 सितम्बर को संभागीय संगठन मंत्री श्याम महाजन की उपस्थिति में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष सहित 28 पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को तत्काल हटाने की मांग करते हुए सामूहिक स्तीफा दे दिया। अश्लीलता से हतप्रभ कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष का एक वीडियो वायरल होने की खबर दबी भी नहीं थी कि प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अनिल गुप्ता पर अपनी अश्लील तस्वीरे व्हाट्सएप समूह में शेयर करने के आरोप लग गये। समूह संचालक की शिकायत पर बिजुरी थाने में गुप्ता के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया। इनका किसी महिला से अश्लील बातों का आडियो पहले ही चर्चा में रहा है। चाल, चरित्र, चेहरे वाली भाजपा को तब अधिक शर्मिन्दगी हुई जब अनिल गुप्ता के कृत्यों की आलोचना करने, मौन रहने की जगह जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम, ओमप्रकाश द्विवेदी सहित दो पूर्व जिलाध्यक्षों ने उनके पक्ष में बयान जारी कर अपनी ही सरकार और पुलिस के विरुद्ध मोर्चा खोल कर पार्टी की भद्द पिटवा दी। जनता इन नेताओं की साजिश, इनके भ्रष्ट आचरण,इनकी अनुशासन हीनता से हतप्रभ है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व या तो जिलाध्यक्ष को बचा ले या अनुशासनहीन नेताओं के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करके चुनाव बचा ले। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला-hindusthansamachar.in