विहिप ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, पश्चिमी बंगाल में टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग

विहिप ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, पश्चिमी बंगाल में टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग
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13/05/2021 रांची, 13 मई (हि.स.)। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने गुरुवार को पश्चिमी बंगाल में टीएमसी के कार्यकर्ताओं की ओर की जा रही हिंसा रोकने और दोषियों को कठोर से कठोर सजा देने की मांग राष्ट्रपति से की है। राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंप कर मांग की गयी है। विहिप के लिए प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु और प्रांत उपाध्यक्ष देवी प्रसाद शुक्ला ने यह ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा कि दुर्भाग्य से पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद से वहां पर सत्तारूढ़ दल टीएमसी के कार्यकर्ताओं व जिहादियों ने जिस प्रकार हिंसा का तांडव चला रखा है, उससे पूरा देश चिंतित है। ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान ही धमकियां दी थीं कि केंद्रीय सुरक्षा बल तो केवल चुनाव तक है और चुनाव के बाद तो उन्हें ही सब देखना है। पश्चिम बंगाल में अनियंत्रित राज्यव्यापी हिंसा पूर्वनियोजित है और ऐसा लगता है कि पुलिस व प्रशासन को कह दिया गया है कि वह इसकी अनदेखी करते रहे। पश्चिम बंगाल के न्यायप्रिय नागरिकों को मानो दंगाइयों के हाथों में सौंप दिया गया है। यह सब मुस्लिम लीग के डायरेक्ट एक्शन की याद कराता है। साहु ने कहा कि तृणमूल कार्यकर्ताओं और जिहादियों के गठजोड़ से खुलेआम विपक्ष के कार्यकर्ताओं की हत्या हो रही है। मालदा में तो दो भाइयों की हत्या करके उनके शव पेड़ से लटका दिए गए। घर जलाए जा रहे हैं, दुकानें लूटी जा रही हैं और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार हो रहा है। इस हिंसा का बड़ा निशाना अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग ही बन रहे हैं। कुचबिहार से सुंदरबन तक भय का वातावरण में वहां की हिंदू आबादी को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस हिंसा का एक सुनियोजित जिहादी पक्ष है जिसके दूरगामी परिणाम होंगे। बिरेन्द्र साहु ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि पश्चिम बंगाल की हिंसा को तत्काल रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और कानून का शासन दोबारा स्थापित कराने, दंगाइयों की त्वरित पहचान कर और जल्दी जांच पूरी करके फास्ट ट्रैक न्यायालयों में उनको दंड दिलाने तथा दंगा पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था कराने और उनके हुए नुकसान की भरपाई कराने के लिए सरकार को आदेश दें। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास

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