नमूनों के परीक्षण में यूके स्ट्रेन और डबल वेरियंट कोरोना वायरस की पुष्टि

नमूनों के परीक्षण में यूके स्ट्रेन और डबल वेरियंट कोरोना वायरस की पुष्टि
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रांची, 14 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड में कोविड संक्रमित मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में यूके स्ट्रेन और डबल वेरियंट वायरस की मौजूदगी पायी गयी है। कुल 52 में से नौ सैंपल में यूके का स्ट्रेन मिला है, जबकि चार सैंपल में डबल म्यूटेंट वायरस पाया गया है। इस रिपोर्ट ने स्वास्थ्य अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि झारखंड राज्य कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना कर रहा है। राज्य में फैले वायरस के स्ट्रेन की पहचान करने के लिए विभाग ने कुल पॉजिटिव पाये गये 52 आरटी-पीसीआर नमूनों को भुनवेश्वर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की रीजनल जीनोम सीक्वेंसिंग लेबोरेटरी में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा था। इन नमूनों में से नौ नमूने यूके म्यूटेंट स्ट्रेन के पाये गये और चार में डबल म्यूटेंट वायरस की मौजूदगी मिली। बताया गया है कि यूके म्यूटेंट के आठ नमूने रांची जिले से लिये गये थे और एक जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) का है। चार डबल म्यूटेंट नमूनों में से तीन रांची और एक जमशेदपुर का है। इन नमूनों में पांच महिलाओं के और आठ पुरुषों के हैं। जीनोमिक सर्विलांस प्रोग्राम के अनुसार हुई जांच भारत सरकार के जीनोमिक सर्विलांस प्रोग्राम के अनुसार नमूनों को -80 °C के तापमान में संग्रहित किया जाता है और 25 से कम सीटी मान वाले सकारात्मक नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाता है। परिवहन के दौरान नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन का पालन किया गया। जीनोम अनुक्रमण के लिए भुवनेश्वर में 52 नमूने भेजे गये। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि यह सीक्वेंसिंग भविष्य के लिए बेहतर योजना बनाने और इसके प्रबंधन में मददगार होगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि कोविड-19 से संबंधित गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें ताकि कोरोना महामारी की चेन को तोड़ा जा सके और झारखंड में इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास/चंद्र