लॉकडाउन से बर्बादी की कगार पर पहुंचे व्यापारी : विमल बुधिया

लॉकडाउन से बर्बादी की कगार पर पहुंचे व्यापारी : विमल बुधिया
traders-reached-the-verge-of-ruin-due-to-lockdown-vimal-budhia

रामगढ़, 08 जून (हि.स.)। झारखंड में पिछले 50 दिनों से लॉकडाउन की वजह से लोग अपने घरों में हैं लेकिन व्यापारी वर्ग बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। यह बात मंगलवार को रामगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष सह आजसू नेता विमल बुधिया ने कही। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है। सरकार ने जिस मुस्तैदी से कोरोना मरीजों को बचाया है अब वही सक्रियता व्यापारियों को बचाने में दिखाए। सरकार को अब लॉकडाउन के नियमों में ढील देनी चाहिए, नहीं तो व्यापारी भीख मांगने को विवश होंगे। विमल बुढ़िया ने कहा कि रामगढ़ समेत राज्य के नौ जिलों में कपड़ा, जूता- चप्पल, कॉस्मेटिक, ज्वेलरी आदि दुकानों को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। हालांकि, उन दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग आवश्यक रूप से हो। इसके अलावा यात्री बसों को भी राज्य के अंदर चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे नौकरी पेशा में शामिल लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। अब शादी विवाह में भी शामिल होने वाले लोगों की संख्या को 11 से बढ़ाकर 50 तक किया जा सकता है। विमल बुधिया ने कहा कि कोरोना काल में होटल, रेस्तरां का व्यापार लगभग चौपट हो गया है। व्यापारी वर्ग ने पिछले 2 वर्षों में सिर्फ टैक्स भरा है। आमदनी तो नहीं के बराबर है। उन लोगों को कैसे बचाया जाए, सरकार को इस बारे में भी सोचना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/ अमितेश