हेमंत सरकार की लापरवाही से जेपीएससी में चयनित 326 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका : आजसू

हेमंत सरकार की लापरवाही से जेपीएससी में चयनित 326 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका : आजसू
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रामगढ़, 08 जून (हि.स.)। झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन में नियुक्ति में किस तरह नियमों की अनदेखी की गई, इसका खुलासा हाईकोर्ट ने कर दिया है। हेमंत सरकार की लापरवाही की वजह से जेपीएससी की छठी मेधा सूची में शामिल 326 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। यह बात मंगलवार को आजसू छात्र संघ के विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रभारी राजेश महतो ने कही। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि जेपीएससी नियुक्ति में त्रुटि से पूरा प्रदेश, ब्यूरोक्रेट्स और सरकार परेशान हैं। आखिरकार राज्य के सर्वोच्च सेवा में अधिकारी बहाल करने वाली यह संस्था इतनी लापरवाह और निरंकुश कैसे हो सकती है। वर्तमान सरकार ने जेपीएससी मेधा सूची को रद्द कर छात्रों के साथ छल किया है। राजेश कुमार महतो ने कहा कि हेमंत सरकार मेधा सूची के त्रुटि से अवगत थी। नियुक्त में आरक्षण का मसला दोषपूर्ण रहा है। वर्तमान सरकार आनन-फानन में मेधा सूची जारी कर सस्ती और झूठी उपलब्धि बटोर रही थी। मेधा सूची नियम के विरुद्ध बना। क्वालिफाइंग मार्क्स को मेधा सूची में जोड़ना नियमावली के विरुद्ध है। राजेश ने कहा कि कई छात्र ऐसे हैं जो अन्य सेवा को छोड़ जेपीएससी परीक्षा में उत्तीर्ण हो सेवा में बहाल हुए। मेधा सूची के रद्द होने के आदेश के बाद अब ऐसे छात्र बेरोजगार और अवसाद में हैं। सरकार की निरंकुशता और विफलता की कलई खुल गई है। सरकार नियुक्ति व रोजगार के मसले पर हर मोर्चे पर विफल रही है। छात्र गुमराह, अवसादग्रस्त और तनावग्रस्त हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अमितेश