दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग में वक्ताओं ने रखे विचार

दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग में वक्ताओं ने रखे विचार
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रांची, 12 जून (हि.स.)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने आभासी पटल पर सम्पन्न दो दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकर्ता अभ्यास वर्ग के पहले दिन शनिवार को प्रस्तावना अखिल भारतीय प्रशिक्षण प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ बसंत शेखर चंद्रात्रे ने रखते हुए अभ्यास वर्ग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वर्ग के पहले सत्र में 'हमारा वैचारिक अधिष्ठान' विषय पर मार्गदर्शन करते हुए प्रो. अनिरुद्ध देशपांडे ने कहा कि राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के परिप्रेक्ष्य में इस संगठन की विशेष भूमिका है। हमारे किसी भी संगठन में व्यक्ति नहीं राष्ट्र सर्वोपरि है और हम सब इसी राष्ट्र भाव को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था में छात्र एक केंद्र बिंदु है। उसी को ध्यान में रख कर हमारा कार्य है। संगठन की रचना में व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। दूसरे सत्र में 'कार्य पद्धति' विषय पर महासंघ के उच्च शिक्षा प्रभारी महेंद्र कुमार ने कहा कि हमारे वैचारिक अधिष्ठान में कोई परिवर्तन नहीं हो सकता। इसी वैचारिक अधिष्ठान को प्राप्त करने के लिए कार्यकर्ता और कार्य पद्धति महत्वपूर्ण है। कार्यपद्धति कार्यकर्ताओं के विकास का एक माध्यम है। तृतीय सत्र में 'कार्यकर्ता' विषय पर संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर ने कहा कि कार्यकर्ता ही किसी संगठन के आधार स्तम्भ होते हैं। कार्यकर्ताओं से ही संगठन की पहचान होती है। चतुर्थ सत्र में महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो जेपी सिंघल ने बताया कि किसी भी संगठन को चलाने के लिए एक प्रभावी टोली का होना अत्यंत आवश्यक है। पंचम सत्र में महासंघ के सह संगठन मंत्री ओमपाल सिंह ने भारतीय शिक्षा दर्शन में शिक्षक की भूमिका पर बोलते हुए बताया कि वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक गुरु की महत्ता रही है। लेकिन वर्तमान में गुरु को शिक्षक के नाम से जाना जाता है। समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने भारतीय शिक्षा पद्धति की महत्ता पर अनेक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि जहां पाश्चात्य शिक्षा पद्धति ने व्यक्ति को स्वार्थी और धन की तरफ देखने वाला बना दिया है। वहीं, भारतीय दृष्टिकोण वसुधैव कुटुंबकम का रहा है। इस तरह के अभ्यास वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ता उपलब्ध साधनों से अच्छा करने एवं अपने कार्य में रचनात्मकता लाने का प्रयास करता है। शिक्षक विद्यार्थियों में अच्छे भाव संप्रेषित कर भविष्य की एक अच्छी नींव रखते हुए नई पीढ़ी का निर्माण कर सकेंगे। विद्यार्थियों के माध्यम से भारत का भविष्य गढ़ रहा हूं, शिक्षकों में ऐसी सोच होनी चाहिए। अभ्यास वर्ग में देश भर से लगभग 200 कार्यकर्ता उपस्थित रहे। झारखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ प्रदीप सिंह , महामंत्री डॉ ब्रजेश कुमार , संगठन मंत्री डॉ राजकुमार चौबे , डॉ अजय सिन्हा , डॉ सुनीता गुप्ता , डॉ धनंजय वासुदेव, डॉ विजय प्रकाश डॉक्टर दारा सिंह आदि सम्मलित हुए। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण

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