शाद्वल कुमार की याद में स्मृति शेष सभा का ऑनलाइन आयोजन किया गया

शाद्वल कुमार की याद में स्मृति शेष सभा का ऑनलाइन आयोजन किया गया
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रांची, 26 अप्रैल (हि. स.)। संस्कार भारती के प्रदेश मंत्री संगठन सह वरिष्ठ पत्रकार शाद्वल कुमार का निधन गुरुवार को हजारीबाग में कोरोना संक्रमण से हो गया। कुमार संस्कार भारती झारखंड प्रांत के थिंक टैंक माने जाते थे। स्वभाव से मृदुभाषी और कर्म के प्रति प्रतिबद्धता के वे पक्षधर थे। झारखंड की संस्कार भारती इकाई ने सोमवार को स्व कुमार की याद में स्मृति शेष सभा का ऑनलाइन आयोजन किया। मौके पर संस्कार भारती के अखिल भारतीय मंत्री अशोक तिवारी ने अपने उदगार में शाद्वल की संस्था के प्रति सांगठनिक निष्ठा की चर्चा की। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्यक्रम को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने की अद्भुत क्षमता के धनी थे। संगठन के प्रति आत्मविश्वास उनकी रगों में दौड़ता था। संगठन में जिस अनुशासन को उन्होंने विकसित किया, उसे जीवंत रखना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। झारखंड प्रांत के महामंत्री संजय कुमार श्रीवास्तव ने उनके साथ अपने पुराने आत्मीय सम्बंधों को याद करते हुए कहा कि शादवल के व्यक्तित्व के आगे सब कुछ बौना था। उनके व्यक्तित्व का सकारात्मक पहलू उन्हें लोकप्रिय बना गया। प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष उमेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि शाद्वल का प्रयाण अकल्पनीय है। इसकी भरपाई नहीं हो सकती। उत्तर-पूर्व क्षेत्र के सह क्षेत्र प्रमुख संजय चौधरी अपने दस साल पुराने संबंधों को याद करते हुए भावविभोर हो उठे। उनके परिवार के प्रति ध्यान देने पर उन्होंने जोर दिया। प्रांत के उपाध्यक्ष राकेश रमन ने कहा कि स्मृतियों में हर हाल में हंसता हुआ चेहरा दिखाई पड़ता है मैं तो निशक्त हूं। कहने को अब कुछ नहीं है, बस एक याद रह गई है। हजारीबाग के मंत्री डाॅ प्रह्लाद सिंह ने कहा कि किस संगठन की अपूरणीय क्षति है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र प्रमुख बिन्देश्वरी प्रसद चौरसिया ने कहा की शाद्वल कभी भी तनाव में नहीं रहे। कला साधक संगम का कार्यक्रम हजारीबाग में वृहद स्तर पर उन्होंने संपन्न करवाया था, जो आगे भी कई सालों तक याद रहेगा। धनबाद के मंत्री डॉ वी जगदीश राव ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उनसे मिले बिना भी लगता है की एक अंग मैंने खो दिया है। प्रदेश मंत्री नीरज श्रीधर ने कहा कि उनके व्यक्तित्व में एक अलग आत्मीयता झलकती थी। संस्था के सभी कार्यों को उन्होंने सफलतापूर्वक कराया था। प्रदेश मंत्री डॉ सुशील अंकन ने कहा कि उनका हमसे बिछड़ना एक दुखद घटना है। संगठन के लिए उनका सहयोग अविस्मरणीय है और रहेगा। शादवल कुमार का निधन उनके परिवार के लिए बहुत कष्ट कर है। हम सबों को उनके परिवार को सहारा देना होगा। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण