राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुए शिक्षक सगीर अंसारी

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित  हुए शिक्षक सगीर अंसारी
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुए शिक्षक सगीर अंसारी

चतरा ,25 जुलाई (हि. स.)किसी ने सही कहा है कि परिस्थितियां बदलने का इंतेज़ार मत करो बल्कि खुद ही परिस्थिति को बदलने का प्रयास करो तभी जीवन में सफलता कदम चूमेगी। इस उक्ति को चरितार्थ कर दिखाया अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा से सजग रहने वाले निष्ठावान, कर्मठ और ईमानदार शिक्षक मो सगीर अंसारी ने ।जिन्होंने महज 6 वर्षों में ही उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोहाद का कायाकल्प कर दिखाया।हकीकत भी यही है की दूसरे सरकारी शिक्षकों के लिए शायद प्रेरणा बन सकें।इन्होंने ने अपने इस स्कूल में योगदान की तिथि 14 जुलाई 2014 से ही ग्रामीणों, अभिभावकों और समाज सेवकों के संपर्क में आ कर क्षेत्र में गहरा समाजिक पकड़ बनाने में सफल रहे।पगडंडियों के सहारे स्कूल के अवागमन के रास्ते को पहले ठीक कराया ।जिससे आवागमन में ग्रामीणों को भी सुविधा मिली।बन्द पड़े स्कूल को इस स्तर का स्कूल बनाने में जो कठिनायों का सामना करना पड़ा होगा वह वहीं जान सकता जिस ने कभी कोई बड़ा काम के लिए प्रयास किया हो ।साथ ही समाजिक कुरीतियां, धार्मिक अड़चनों और सहयोगियों की टीका टिप्पणी से ऊपर उठ कर जो काम किया है ।वो इतिहास के पन्नों में सुनहरे शब्दों से लिखा जाने के काबिल तो है ही साथ ही देश की आजादी के बाद पहला शिक्षक हंटरगंज के लिए होंगे जिन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। वैसे तो यह प्रखंड राजनीति ,क्रांतिकारी और राजनीति के लिए बखूबी जाना जाता है ।यह प्रखंड में सम्प्रदायिक सौहार्द के लिए भी एक मिसाल अब तक बना हुआ है ।इसी कड़ी के अध्याय में मो सगीर अंसारी एक और कड़ी जोड़ने का अनथक प्रयास कर रहे हैं। अंसारी के राष्ट्रीय अवार्ड में चयन पर उनके सहयोगी ,समाजिक कार्यकर्ता,बुद्धिजीवी,राजनेताओं ने बधाइयां देने का सिलसिला अभी से ही जारी कर दिया है।गौरतलब यह है कि अंसारी ने समाजिक समरसता और सौहार्द पूर्ण वातावरण बनाते हुए सब से पहले स्कूल परिसर में स्थापित मरणोपरांत स्थली स्मारक को स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल से बाहर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की। स्कूल की समितियों का गठन कर ऐसा समजिक समरसता स्थापित किया के इनके सपनों का स्कूल बनाने में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुआ। गौरतलब बात है कि हंटरगंज प्रखंड में दर्जनों प्राइवेट स्कूल संचालित है जो इस सरकारी स्कूल के मद्देमुकाबिल नहीं है ।इस स्कूल के दीवारों पर शिक्षा की लेखनी स्कूल समितियों के गठन,स्कूल के बैंक खातों का आय - व्यय जिला एवं प्रखंड पदाधिकारियों जन प्रतिनिधियों के नाम का उल्लेख है।शायद राज्य का प्रथम सरकारी स्कूल होगा जहां सभी तरह के क्लबो का गठन किया गया है । बाल सांसदों का गठन और स्कूल के बालसंसादों यूनिफॉर्म भी काफी मनमोहक है। इतना ही नहीं बल्कि स्कूल परिसर में बालक एवं बालिकाओ और विकलांगो लिए अलग शौचालय की पूर्ण व्यावस्था कि गई है। पर्यावरण की दृष्टिकोण से अंसारी ने स्कूल समेत क्षेत्र में लगभग एक हजार से अधिक पौधे लगा कर पर्यावरण बचाओ का बड़ा संकेत दिए हैं। इनके नेतृत्व में ज्ञान सेतु में ब्रॉन्ज सर्टिफिकेट सोहड़ स्कूल को प्राप्त हुआ है। इन्होंने योग्यता संस्कृत ,इतिहास और एजुकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की है ।भाषा की जानकारी में संस्कृत, हिंदी, उर्दू ,अरबी,और फारसी के भी ज्ञाता हैं ।इन्होंने स्कूल के काम काज को पूरा डिजिटल कर दिया हैं ।लॉकडाउन में जहां स्कूल बन्द है वहीं DIGI-SATH कार्यक्रम के तहत मोहल्ला पाठशाला नियमित रूप से चल रहे है। कोविड-19 लेकर स्कूल के छात्र - छात्राओं को खाद्यान्न चावल तथा पुस्तक किट का वितरण घर - घर जा कर कर रहे हैं ।स्कूल के छात्र-छात्राओं को प्रति पूर्ति भत्ता राशि डीबीटी के माध्यम से बच्चों के बैंक खाते में भेजा जाता है। स्कूल के वातावरण को ऐसा बनाया है कि पिटी करते - करते पढ़ने की शैली का अनूठा आयाम गढ़ने का प्रयास किया गया है ।ग्रामीणों की टोली बना कर योगा कार्यक्रम सफलता पूर्वक संचालित करते आ रहे हैं ।इस कोविड-19 महामारी से बचाओ के लिए खुद ही बड़े पैमाने पर मस्क का वितरण किए और नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर समाजिक कुरीतियों दहेज प्रथा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ,अंधविश्वास ओझा गुनी जैसे कुरीतियों से समाज को निजात दिलाने का अथक प्रयास इनके द्वारा किया गया है । सगीर अंसारी के शैक्षणिक,पर्यावरण ,समाजिक ,स्कूलिंग और सामाजिक सौहार्द के सुधार के लिए ही राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन किया गया है । अंसारी ने कहा कि हम ने कभी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए सोचा भी नहीं था लेकिन समाजिक सौहार्द और प्रेम इंसान को सब कुछ सिखा देता है ।शर्त सिर्फ इतना हो की इंसान के अंदर का इंसान जागा रहे और अपने फर्ज के प्रति सजग रहें । हिन्दुस्थान समाचार /नवीन / विनय-hindusthansamachar.in

अन्य खबरें

No stories found.