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झारखंड

पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव के लिए जारी किया पोस्टर

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03/04/2021 रांची, 03 अप्रैल (हि.स.)।रांची में साइबर अपराधियों ने इन दिनों ठगी करने का नया तरकीब अपनाया है। साइबर अपराधी लोगों के खाते के पैसे को उड़ाने के लिए खाता हैक कर पैसे को एफडी में कन्वर्ट कर रहे। एफडी करने के बाद खाताधारक से ओटीपी मांग कर खाते से रुपये उड़ा रहे हैं। इस मामले को लेकर रांची पुलिस ने शनिवार को पोस्टर जारी करते हुए अलर्ट जारी किया है। इसमें ठगी के तरीके और बचाव के उपाय बताए गए हैं। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के निर्देश पर सिटी एसपी सौरभ ने पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर को सभी थानों को प्रचारित करने का भी निर्देश दिया है। पोर्स्टर में बताया गया है कि हाल के दिनों में साइबर ठगों द्वारा खाता हैक कर उसमें मौजूद रकम की एफडी बनवा कर पीड़ित के मोबाइल पर शून्य बैलेंस हो जाने का मैसेज भेजा जा रहा है तब लोगों को इसका पता चल रहा है। ठग उनसे रकम वापस करने का झांसा देकर मोबाइल पर आने वाला ओटीपी बताने को कहते हैं। ओटीपी बताते ही साइबर अपराधी खाते से पैसे को अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते है। ओटीपी न बताने पर खाते में वापस लौट सकती है पैसे लोगों का खाता हैक कर साइबर अपराधी उसमें मौजूद पैसे की एफडी बनवा लेते हैं। यह एफडी एक दिन के लिए बनती है। लिहाजा उसी दिन या कुछ घंटे बाद उसकी अवधि पूरी हो जाती है। ऐसे में साइबर अपराधी के पास ठगी करने के लिए 12 घंटे होते है। वे खाताधारक से ओटीपी पूछते है और ओटीपी मिलते ही एफडी से रकम सीधे अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते है। ओटीपी ना बताने पर पैसे साइबर अपराधी के खाते में नहीं जाता है। ओटीपी पता नहीं चलने पर खाते से निकाली गयी राशि बैंक के पास पड़ी रहती है। समय रहते शिकायत की जाये तो तो इसे वापस खाते में लाया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास