टीपीसी पर एनआईए की दबिश, उग्रवादियों के परिजनों के बारे में जुटायी जानकारी
टीपीसी पर एनआईए की दबिश, उग्रवादियों के परिजनों के बारे में जुटायी जानकारी
झारखंड

टीपीसी पर एनआईए की दबिश, उग्रवादियों के परिजनों के बारे में जुटायी जानकारी

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चतरा, 17 जुलाई (हि. स.)। मगध- आम्रपाली कोल परियोजना में टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए की टीम फिर से रेस हो गई है। एनआईए की टीम गुरूवार को टेरर फंडिंग मामले की जांच के लिए टंडवा व लावालौंग इलाके में पहुंची। एनआईए की टीम ने चतरा में कई टीपीसी उग्रवादियों के परिजनों व उनके कामकाज की जानकारी ली। लेवी के पैसों से टीपीसी उग्रवादियों व उनके परिजनों ने कहां कहां संपत्ति ली है, इसकी भी जांच हो रही है। वहीं एनआईए की टीम अब अर्जुन गंझू से पूछताछ करेगी। टीपीसी से जुड़े अर्जुन को चतरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। सीसीएल के कर्मी रहे अर्जुन को फरार टीपीसी कमांडर आक्रमण का करीबी माना जाता है। आक्रमण के साथ मिलकर विस्थापित पांच गांवों की शांति समिति के जरिये अर्जुन कोल ट्रांसपोर्टरों से लेवी वसूलता था। एनआईए ने इस मामले में जांच शुरू करने के बाद टीपीसी के कोहराम, सीसीएल , कोल कारोबारी और उग्रवादियों के लाइजनर सुभान मियां, ट्रांसपोर्टर छोटू सिंह, आधुनिक ग्रुप के संजय जैन समेत कई कारोबारियों के खिलाफ चार्जशीट किया है। जांच में आ सकते हैं नए तथ्य एनआईए की जांच शुरू होने के बाद टीपीसी से जुड़े कई उग्रवादी इलाका छोड़ चुके थे। ऐसे में अंडरग्राउंड रह कर अर्जुन गंझू इलाके में काम करने वाले कई ट्रांसपोर्टरों व लिफ्टरों के संपर्क में था। एनआईए को अर्जुन से पूछताछ में कई नई जानकारियां मिल सकती हैं। अब तक ये बड़े आरोपी हैं फरार कोल परियोजनाओं से वसूली के मामले में एनआईए को टीपीसी के सरगना ब्रजेश गंझू, आक्रमण, मुकेश गंझू, भीखन गंझू, अनिश्चय गंझू समेत अन्य की तलाश है। एनआईए ने इन उग्रवादियों को फरार भी घोषित किया है। हिन्दुस्थान समाचार / नवीन / वंदना-hindusthansamachar.in