मुसलमान भाइयों ने घर में ही पढ़ी आखिरी जुमे की नमाज

मुसलमान भाइयों ने घर में ही पढ़ी आखिरी जुमे की नमाज
muslim-brothers-recited-last-prayer-at-home

07/05/2021 रामगढ़, 07 मई (हि.स.)। जिले में रमजान महीने के आखिरी जुमे की नमाज मुसलमान भाइयों ने घर में ही पढ़ी। कोरोना काल की वजह से मस्जिदों में जमात नहीं लगी। कोरोना की सेकंड वेब की भयावहता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी मस्जिदों में नमाज नहीं पढ़ने का आदेश जारी किया था। घर में ही बैठे लोगों ने इबादत की और कोरोना महामारी को खत्म करने की दुआ मांगी। अलविदा जुमे की नमाज अदा करने को लेकर घरों में ही तैयारियां की गई थी। कुरैशी फाउंडेशन के संरक्षक व अध्यक्ष आरिफ कुरैशी कहते हैं कि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तीसरी लहर आने का भी खतरा है। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतना चाहिए। लोग घर में ही रहकर इबादत करें। इससे संक्रमित होने का खतरा कम रहेगा। उन्होंने कहा कि जुमा के दिन का इस्लाम में खास महत्व है। इस दिन मुसलमान जो़हर के बजाए जुमे की नमाज पढ़ते हैं। बुराई और गुनाह के रास्ते से हट कर नेकी और भलाई के रास्ते पर चलने को प्रेरित किया जाता है। रमजान के जुमे की नमाज अदा करने पर 70 दिन के जुमे की नमाज के बराबर सवाब मिलता है। हिन्दुस्थान समाचार/ अमितेश