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झारखंड

लॉकडाउन में चाइनीज खिलौना आना बंद होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जुड़ने का मिला अवसर

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-द इंडिया टॉय फेयर में रांची के मनोज कुमार के खिलौने बच्चों को करेंगे आकर्षित रांची, 19 फरवरी (हि.स.)। भारत सरकार वर्चुअल माध्यम से 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत खिलौला मेला (द इंडिया टॉय फेयर) का आयोजन कर रही है। झारखंड में रांची के मनोज कुमार को इस मेला में शामिल होने का मौका मिलेगा। मेले में अपने खिलौनों की प्रदर्शनी लगाने के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय मंच पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करने के लिए इस खिलौना मेले में भाग लेने के लिए मनोज काफी खुश है। युवा व्यवसायी मनोज बताते हैं कि कोरोना संक्रमण काल ने जब विकास की गति को धीमी कर दी थी, तब देश में नित नए प्रयोग भी होने लगे, जिससे आर्थिक गति को बल मिलने लगा। मनोज ने लॉकडाउन के तुरंत बाद खिलौनों से जुड़े स्वरोजगार को शुरू किया और पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। उनका कहना है कि जब लॉकडाउन के दौरान चाइनीज और बाहर से अन्य खिलौने आने बंद हो गये, तो उन्हें इस क्षेत्र में एक बड़ा अवसर नजर आया। टेडी बेयर के निर्माण में मनोज कुमार से जुड़े कई लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फोर लोकल के आह्वान ने मनोज कुमार के टेडी बेयर निर्माण कार्य की गति को रफ्तार दे दी है। मनोज का मानना है कि युवाओं के सोच में बड़ा बदलाव आया है वे खुद जॉब क्रिएटर बनने की राह पर चल पड़े हैं। देश में युवा उद्यमियों के आगे आने से कई अन्य लोगों को भी रोजगार मिलना अब आसान हो गया है। मनोज कुमार ने जब टेडी बेयर का निर्माण कार्य शुरू किया तब प्रमिला कुमारी और निम्मी जैसी कई अन्य को घर के पास ही रोजगार मिल गया। बुलंद हौसलों को समेटे देश आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास की ओर कदम बढ़ा रहा है। यही वजह है कि मनोज कुमार जैसे शख्स की वजह से कई दूसरे घरों को भी आर्थिक रूप से मजबूत आधार मिल रहा है। इस मेले का उद्देश्य स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए “आत्मनिर्भर भारत” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों केबुनियादी विषयों को एक प्रोत्साहन प्रदान करना है। इसके अलावा इसका उद्देश्य शिक्षा में सभी उम्र के लोगों की सीखने की प्रक्रिया को आनंदपूर्ण बनाने में खिलौने की क्षमता का लाभ भी उठाना है। वहीं भारत खिलौना मेला 2021 का उद्देश्यनीति निर्माताओं, खिलौना निर्माताओं एवं वितरकों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, स्टार्ट-अप्स, बच्चों, माता-पिता और शिक्षकों को एक आम मंच पर एक साथ लाना है। भारतीय खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने में यह एक वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है। बचपन को आनंदित बनाने और खेल के माध्यम से बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रदर्शकों में भारतीय व्यवसायों के अलावा एनसीईआरटी, एससीईआरटी, सीबीएसई के साथ उनके विद्यालय एवं शिक्षक, आईआईटी गांधीनगर, एनआईडी और बच्चों का विश्वविद्यालय (अहमदाबाद) शामिल हैं। वहीं इस मेले में भारत के विभिन्न हिस्सों से लाखों उपयोगकर्ताओं के हिस्सा लेने की उम्मीद है और यह उन्हें अलग-अलग प्रदर्शकों के उत्पादों को खरीदने का अवसर देगा। हिन्दुस्थान समाचार /वंदना