श्रमिक संगठनों ने किया किसानों के 26 मार्च के भारत बंद का समर्थन

श्रमिक संगठनों ने किया किसानों के 26 मार्च के भारत बंद का समर्थन
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रांची, 24 मार्च (हि.स.)। मोदी सरकार की आत्म निर्भरता का अर्थ है कार्पोरेट घरानों पर निर्भरता और उनके राष्ट्रवाद का मतलब है देश की संप्रभुता को गिरवी रखना। ये बातें बुधवार को झारखंड के संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एटक के पीके गांगुली ने कही। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने कोरोना महामारी का फायदा उठाकर हमारी राष्ट्रीय संपत्ति को बेचने के एजेंडे पर तेजी से काम शुरू कर दिया। बैंक, बीमा, रेलवे, पेट्रोलियम, कारखाने सहित सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठान और उद्योग को देशी - विदेशी पूंजीपतियों के हवाले किऐ जा रहा है। हमारे देश की आत्मनिर्भरता और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र इस्पात और कोयला उद्योग का भी तेजी से निजीकरण किये जाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके खिलाफ मजदूर वर्ग लगातार आंदोलन के मैदान में है। इसी कड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा ने जो 26 मार्च को 12 घंटे का भारत बंद का आह्वान किया है। संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच उसका समर्थन करता है।भारत बंद मे कोरोना महामारी के नियंत्रण के लिए जारी सरकार के गाइड लाइन का पालन करते हुए ट्रेड यूनियनो द्वारा बंद का समर्थन किया जायेगा। इसकी घोषणा ट्रेड यूनियनों, श्रमिक फेडरेशन और कर्मचारी एसोसिएशन की आन लाइन संपन्न बैठक के बाद सीटू कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में की गयी। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास

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