झामुमो ने निशिकांत दुबे के मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र
झामुमो ने निशिकांत दुबे के मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र
झारखंड

झामुमो ने निशिकांत दुबे के मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र

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रांची, 27 जुलाई (हि. स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित सांसद निशिकांत दुबे द्वारा नामांकन के समय दिए गए शपथ पत्र मेंं दी गई जानकारी की जांच को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखा है। झामुमो महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पत्र के माध्यम से कहा गया है कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार के विजयी सांसद निशिकांत दुबे ने नामांकन पत्र में 2009 में अपनी उम्र 37 वर्ष अंकित किया है। इस नामांकन पत्र में शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उन्होंने यह जानकारी दी कि वे अपनी मैट्रिक की परीक्षा डीपीएम हाई स्कूल करहरिया, बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड 1982 में पास की है। तथा वे स्नातकोत्तर हैं और एमबीए दिल्ली यूनिवर्सिटी से वर्ष 1993 में पास किए हैं। भट्टाचार्य ने बताया कि वर्ष 2009 में 37 वर्ष उम्र वाले निर्वाचित सांसद अपने कथनानुसार 10 वर्ष की आयु में ही मैट्रिक की परीक्षा पास कर जाते हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली विश्वविद्यालय का पत्र संख्या इन्फो/ओए/1977/2015, 29 जनवरी 2016 एवं उसके अनुलग्नक डीन, फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडी, दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रमाण पत्र 05 जनवरी 2016 को यह बताया जाता है कि वर्ष 1993 में निशिकांत दुबे नाम का कोई भी व्यक्ति न वहां दाखिला लिया है और ना ही पास हुए हैं। उन्होंने बताया कि पत्र के माध्यम से कहा गया है कि विगत 2009 से लेकर 2019 तक के तीन लोकसभा चुनाव में उनके नामांकन पत्र की गहन जांच की जाय तथा उनके सदस्यता की वैद्यता पर विचार किया जाए। 2009 के नामांकन पत्र के अनुसार 37 साल की उम्र होने के कारण दुबे का जन्म 1972 के किसी भी मास या तिथि में हुआ होगा और इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। ताकि 10 वर्ष की उम्र में मैट्रिक पास करने वाले गौरवमयी प्रतिभा से देश अवगत हो सके। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/ विनय-hindusthansamachar.in