झारखंड कांग्रेस में ना ही कोई मतभेद है और ना कोई विवाद  : आलोक दुबे
झारखंड कांग्रेस में ना ही कोई मतभेद है और ना कोई विवाद : आलोक दुबे
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झारखंड कांग्रेस में ना ही कोई मतभेद है और ना कोई विवाद : आलोक दुबे

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रांची, 30 जुलाई (हि. स.)। झारखंड कांग्रेस के नाराज चल रहे तीन विधायक दिल्ली में पार्टी के वरीय नेताओं से मुलाकात कर रांची लौट आए हैं। हालांकि यह विधायक कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जो तीनों विधायक दिल्ली गए थे, उनमें इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और राजेश कश्यप शामिल हैं। तीनों विधायक सांसद धीरज साहू के नेतृत्व में दिल्ली में बुधवार को पार्टी के बड़े नेताओं से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि तीनों विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखा है। बताया जाता है कि विधायकों ने कहा है कि सरकार में उनकी बातें नहीं सुनी जा रही हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ही मंत्री बने हुए हैं। एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत का पालन नहीं हो रहा है। कांग्रेस कोटे के एक मंत्री पद खाली है। बताया जाता है कि विधायकों ने यह भी कहा कि वह क्या चाहते हैं। बताया जाता है कि विधायकों का कहना था कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव मंत्री पद छोड़े या प्रदेश अध्यक्ष पद। सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्री अपनी अकड़ छोड़ें और पार्टी नेताओं से मिलकर विचार विमर्श करें। साथ ही सीनियर अफसर विधायकों की सुनें। इसके अलावा विधायकों ने कई अन्य बातों से भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रूबरू करवाया। इधर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे ने कहा कि झारखंड कांग्रेस में ना ही कोई मतभेद है और ना कोई विवाद है। उन्होंने कहा कि विधायक दिल्ली जाते रहते हैं। क्योंकि दिल्ली हमारे पार्टी का हेड ऑफिस है। लेकिन जहां तक संगठन की बात है। यकीनन झारखंड बनने के बाद यह पहला मौका है, जब यहां सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की है। आलोक दुबे ने कहा कि बेवजह ही बात हो रही है। कहीं कोई चिंता की बात नहीं है। झारखंड में गठबंधन की सरकार मजबूत है। दिल्ली के दरबार में जाना एक औपचारिकता है। उन्होंने कहा कि संगठन मजबूत है और पूरे ताकत के साथ आगे बढ़ेगी। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण/ विनय-hindusthansamachar.in