बर्मा में फंसे झारखंड के 31 मजदूरों ने सरकार से लगायी  वतन वापसी की गुहार
बर्मा में फंसे झारखंड के 31 मजदूरों ने सरकार से लगायी वतन वापसी की गुहार
झारखंड

बर्मा में फंसे झारखंड के 31 मजदूरों ने सरकार से लगायी वतन वापसी की गुहार

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रांची , 24 जुलाई (हि.स.) । बर्मा में फंसे झारखंड के मजदूरों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वतन वापसी की गुहार लगायी है। बर्मा में झारखंड के हजारीबाग, बोकारो व गिरिडीह जिले के प्रवासी मजदूर भी फंसे हैं जिनकी संख्या 31 है। सभी मजदूरों को 6 महीने पूर्व टावर लाइन में काम कराने के लिए बर्मा ले जाया गया था। लेकिन कोरोना काल में ये सभी वहां जाकर बुरे फंस गए हैं। मजदूरों को उनके काम के बदले मजदूरी तक नहीं दी जा रही है। कोरोना त्रासदी का शिकार प्रवासी मजदूर सिर्फ देश में ही नहीं हुए बल्कि बड़ी संख्या में रोजगार की तलाश में गए विदेशों में भी फंसे पड़े हैं । विभिन्न माध्यमों सें विदेशों में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति भी बुरी है। सभी वतन वापसी की बाट जोह रहे हैं। ऐसी एक एक खबर बर्मा से आयी हैं । जहां झारखंड के हजारीबाग, बोकारो व गिरिडीह जिले के प्रवासी मजदूर भी फंसे हैं । जिनकी संख्या 31 है। फंसे मजदूरों की सूचना के मुताबिक सभी को मात्र एक समय का खाना दिया जा रहा है। सभी वतन वापसी की गुहार हेमंत सरकार से लगा रहे हैं। वर्मा में फंसे सत्यनारायण कुमार महतो कहते हैं कि उनके सभी साथी झारखंड लौटना चाहते हैं। दिन में सिर्फ एक वक्त भोजन दिया जा रहा है। घर में परिवार वाले परेशान हैं लेकिन उनके पास में पैसे नहीं होने के कारण वे घर नहीं लौट पा रहे हैं। सरकार हमलोगों को लाने की व्यवस्था करने की कृपा करे। गिरिडीह के समाजिक कार्यकर्ता और खासकर विदेशों में रह रहे प्रवासी मजदूरों के लिए काम करने वाले सिकन्दर ने शुक्रवार को कहा यह पहला मौका नहीं है जब दलालों के चक्कर में पड़कर गरीब तबके के लोग विदेशों में फंसे हैं। पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आये हैं जिसमें दलाल मजदूरों को ज्यादा रुपये कमाने का लालच देकर विदेश भेज देते हैं और वे विदेश जाकर फंस जाते हैं। आये दिन गिरिडीह, हजारीबाग, बोकारो जिले के आसपास के प्रखंडों के प्रवासी मजदूरों को विदेशों में प्रताड़ित होना पड़ता है। ऐसे में सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। और फिलहाल बर्मा में फंसे 31 मजदूरों को वापस लाने की पहल करनी चाहिए । झारखंड सरकार के द्वारा संचालित कोविड-19 हेल्पलाइन टीम की शिखा कहती हैं कि राज्य सरकार के द्वारा प्रवासी मजदूरों को सकुशल लाने का कार्य किया जा रहा है। हेल्पलाइन टीम के द्वारा बर्मा में फंसे 8 प्रवासी मजदूरों का वेरिफिकेशन किया गया है। जो पलामू के हैं। उनकी राज्य वापसी के प्रयास किये जा रहे है। वहीं बर्मा में फंसे अन्य 31 प्रवासी मजदूरों की डिटेल प्राप्त कर जल्द ही उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। वर्मा में फंसे प्रवासी मजदूरों की सूची बर्मा में फंसे मजदूर हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ थाना क्षेत्र के निवासी टेकनरायण महतो, सत्यनारायण कुमार महतो, नीलकंठ महतो, केदारनाथ महतो, विवेक कुमार पटेल, रामचंद्र महतो, गंगा महतो, मोहन महतो, बंधन महतो, छट्टू मिस्त्री, अजय कुमार महतो, राम किशुन महतो,उमेश महतो, मनिजर महतो, सुनील कुमार महतो, महेश महतो,छत्रु कुमार महतो, छात्रधारी महतो, खिरोधर महतो, सुरेंद्र कुमार महतो फंसे हैं। वहीं हजारीबाग के टाटीझरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुनील कुमार महतो, गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र निवासी कोलेश्वर महतो, रामदेव मुर्मू, भागीरथ महतो, सरिया थाना क्षेत्र के नीलकंठ महतो, धनेश्वर महतो, परमेश्वर महतो, बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के रहनेवाले शंकर महतो, लालमन महतो, लखन महतो, जगदीश महतो शामिल हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ सबा एकबाल / विनय-hindusthansamachar.in